उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ समारोह के दौरान हुए हालिया विवादित घटनाक्रम पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे ‘सांस्कृतिक पतन’ की ओर बढ़ता हुआ एक खतरनाक संकेत करार देते हुए कहा कि जिस मंच पर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्री और बड़े अधिकारी मौजूद हों, वहाँ अभद्र गीत और गाली-गलौज होना देवभूमि की गौरवशाली परंपरा पर एक धब्बा है। रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से अनुरोध किया है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जाए। उन्होंने आगाह किया कि देहरादून और हल्द्वानी जैसे शहरों में हावी हो रही यह अपभ्रंश संस्कृति और हिंसक प्रवृत्तियां समाज के ताने-बाने को कमजोर कर सकती हैं, इसलिए समय रहते ठोस कदम उठाना और अभद्र कंटेंट से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।
इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के मंच इस प्रकार की फूहड़ता के लिए नहीं होने चाहिए और इससे देवभूमि की संस्कृति को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने स्थानीय कलाकारों को मंच देने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


