दून पुलिस तो 23 सितंबर को हुए अपहरण के प्रयास की गुत्थी को सुलझाने में पास हो गई। उसने तीन दिन के भीतर ही अहरण की कोशिश करने वाले आरोपियों की सरगना को दबोच लिया। लेकिन उधर टिहरी जिले में ,घनसाली पुलिस के हाथ डेढ़ माह गुजर जाने के बाद भी रीते हैं। घनसाली पुलिस उन चोरों की तलाश नहीं कर पाई जिन्होने सेंदुल गांव में द्वारिका प्रसाद मैठाणी के घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
आरोप है कि चोरों ने घर के ताले तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण और करीब 50 हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ किया था। चोरी की वारदात को डेढ़ माह गुजर चुके हैं। बावजूद इसके घनसाली पुलिस के हाथ अभी चोरों के गिरेबान तक नहीं पहुंचे हैं।जिसके चलते पीड़ित परिवार नाराज है।
पीड़ित द्वारिका प्रसाद मैठाणी के अनुसार, चोर घर के ताले तोड़कर अंदर दाखिल हुए और सोने-चांदी के आभूषण समेत करीब 50 हजार रुपये की नकदी चोरी कर फरार हो गए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस वो काम नहीं कर पाई जिसके लिए वो मशहूर है और उन्हें पगार दी जाती है। यानि पुलिस चोरों को नहीं पकड़ पाई । उधर पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा दिया है। उनकी मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार करे और चोरी गए सामान को बरामद कर उन्हें राहत दे। वहीं, ग्रामीणों ने भी चोरी का खुलासा नहीं होने पर चिंता जताई है।
बाइट -पीड़ित द्वारिका प्रसाद मैठाणी

