राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर सख्ती: प्राचार्य ने दिए औचक निरीक्षण और कड़ी निगरानी के निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में नए एमबीबीएस बैच के छात्र-छात्राओं के आगमन के साथ ही रैगिंग रोकने के लिए प्रशासनिक सतर्कता बेहद कड़ी कर दी गई है। नए सत्र की शुरुआत और फ्रेशर्स के परिसर में प्रवेश के मद्देनजर कॉलेज के प्राचार्य ने एंटी रैगिंग सेल और हॉस्टल वार्डनों को सख्त औचक निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं। इस पुख्ता कदम का सीधा असर संस्थान के नए-पुराने विद्यार्थियों और हॉस्टल व्यवस्था पर पड़ेगा।

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प्राचार्य द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत एंटी रैगिंग सेल, मुख्य वार्डन और अन्य वार्डनों की संयुक्त टीमों को कक्षाओं, कैंटीन, मेस और हॉस्टल परिसरों में लगातार सरप्राइज चेकिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज परिसर के भीतर रैगिंग या दुर्व्यवहार की कोई भी शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, प्रशासन ने अब तक की गई कार्रवाई और वर्तमान निगरानी व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।

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उल्लेखनीय है कि दून मेडिकल कॉलेज में पिछले दिनों रैगिंग के तीन मामले सामने आए थे, जिसके बाद संबंधित कमेटियों की सक्रियता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने इस बार नए सत्र की शुरुआत में ही सुरक्षा प्रबंधों को चाक-चौबंद कर दिया है।

जारी व्यवस्था के अनुसार, हॉस्टल से लेकर कक्षाओं और अन्य सभी सार्वजनिक स्थलों पर विद्यार्थियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। एंटी रैगिंग टीमें लगातार जूनियर छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं जान रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या अनुचित व्यवहार की सूचना मिलते ही समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।

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कॉलेज प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नए एमबीबीएस विद्यार्थियों को भयमुक्त, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक माहौल प्रदान करना है। प्राचार्य ने सभीसंबंधित समितियों को हर वक्त सक्रिय रहने और अनुशासनहीनता के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है।