देहरादून। देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल जल्द ही उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों और ईएसआईसी कार्डधारकों को बड़ी राहत देने जा रहा है। अस्पताल को भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना और कर्मचारी राज्य बीमा निगम के तहत संबद्ध करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस व्यवस्था के लागू होने से सेना, वायुसेना, नौसेना और अन्य सुरक्षाबलों के पूर्व सैनिकों व आश्रितों को दून अस्पताल में पूरी तरह मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा।
राज्य में करीब दो लाख पूर्व सैनिक और वीर नारियां निवास करती हैं, जिन्हें इस फैसले का सीधा फायदा मिलेगा। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरएस बिष्ट के निर्देशों पर इस व्यवस्था को लागू करने का काम तेजी से चल रहा है। हाल ही में ईसीएचएस के अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए डॉ. सलिल गर्ग, डॉ. कुलदीप कुमार और आयुष्मान भारत योजना के समन्वयक दिनेश रावत को मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूर्व सैनिकों को इलाज के लिए लंबी लाइनों में न लगना पड़े, इसके लिए आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर अस्पताल में एक समर्पित ईसीएचएस काउंटर बनाया जाएगा। इस काउंटर के जरिए भर्ती से लेकर जांच और इलाज की पूरी प्रक्रिया कैशलेस व सुगम रहेगी। साथ ही अस्पताल में पूर्व सैनिकों के लिए प्राइवेट वार्ड, आईसीयू और ओपीडी सेवाओं में भी बढ़ोतरी की जा रही है।
इसके साथ ही ईएसआईसी के तहत पंजीकृत लाखों फैक्टरी कर्मचारियों और निजी क्षेत्र के कामगारों को भी दून अस्पताल में बेहतर सुपर स्पेशलिटी इलाज देने की तैयारी अंतिम चरण में है। इस व्यवस्था से देहरादून और आसपास के जिलों के श्रमिकों और पूर्व सैनिकों को महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

