देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के कारण जनजीवन और केदारनाथ यात्रा व्यवस्था प्रभावित हो गई है। मौसम विभाग ने आगामी 3 घंटों के भीतर राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र बारिश होने की चेतावनी जारी की है। वहीं रुद्रप्रयाग में भारी मलबा आने से केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिसके चलते प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षा के लिहाज से पड़ावों पर ही रोक दिया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के 6 प्रमुख जिलों नैनीताल, चंपावत, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। विभाग ने इन सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में अचानक तेज बारिश से भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।
बारिश का असर राजधानी देहरादून में भी दिखा है, जहां तेज बारिश के दौरान परेड ग्राउंड के पास तुसात फंक्शन हॉल के समीप लगा एक भारी पेड़ अचानक गिर गया। यह विशालकाय पेड़ पास स्थित एक मकान के टीन शेड पर जा गिरा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया।
इधर, केदारनाथ मार्ग पर मलबे के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए स्पष्ट किया है कि मार्ग पूरी तरह साफ होने के बाद ही आवाजाही शुरू करने दी जाएगी। सीमा सड़क संगठन और आपदा प्रबंधन की मशीनरी मौके पर मलबा हटाने के काम में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों और नदियों के किनारे बसे इलाकों में रह रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इसके साथ ही पर्वतीय मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की अद्यतन जानकारी लेने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे का सफर तय करें।

