ऋषिकेश। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लांज तैयार किया गया है। उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा कौडियाला से नीम बीच तक 27 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में 174 करोड़ रुपये की लागत से ‘इंटरनेशनल राफ्टिंग जोन’ विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से ऋषिकेश आने वाले लाखों पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और आधुनिक सुरक्षा मिलेगी।
प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार, इस 174 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत ऋषिकेश में एयरपोर्ट की तर्ज पर एक भव्य राफ्टिंग टर्मिनल और इंटीग्रेटेड कमान कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। पर्यटक अब मोबाइल ऐप या टर्मिनल पर बने सिंगल विंडो सिस्टम से आसानी से राफ्टिंग स्लॉट बुक करा सकेंगे, जिससे पर्यटकों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
टर्मिनल परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग, लग्जरी होटल, फूड कोर्ट, चेंजिंग रूम और रेस्ट रूम बनाए जाएंगे। ब्रह्मपुरी, शिवपुरी, मरीन ड्राइव, कौडियाला और नीम बीच पर भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटकों को अब अलग-अलग जगहों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
सुरक्षा के मामले में पूरा 27 किलोमीटर का राफ्टिंग जोन जीआईएस बेस्ड सिक्योरिटी सिस्टम और इंटीग्रेटेड कमान कंट्रोल सेंटर की निगरानी में रहेगा। पर्यटकों की कलाई पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन बैंड पहनाया जाएगा, जिससे पूरे राफ्टिंग रूट के दौरान उनकी लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। किसी भी हादसे की स्थिति में कंट्रोल रूम को तुरंत मैसेज पहुंचेगा और तटों पर तैनात ट्रेंड लाइफगार्ड्स त्वरित मदद पहुंचाएंगे।
भारत के 10 प्रमुख राफ्टिंग केंद्रों में से ऋषिकेश पहले स्थान पर है, जबकि उत्तराखंड की यमुना, टोंस, भागीरथी और अलकनंदा नदियों में भी राफ्टिंग होती है। ऋषिकेश का यह नया और अत्याधुनिक राफ्टिंग जोन न केवल देश-विदेश के साहसिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन कारोबार और रोजगार को भी एक नई दिशा देगा।

