स्वास्थ्य महानिदेशक का अफसरों को सख्त अल्टीमेटम; फाइलों की लेट-लतीफी पर तय होगी जिम्मेदारी

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देहरादून। देहरादून स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय में 05 सितम्बर 2026 को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महानिदेशालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई और कार्यों के समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शिता तथा कड़े अनुशासन के निर्देश जारी किए गए।

महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने स्पष्ट किया कि कार्यालय में प्राप्त किसी भी पत्रावली या प्रकरण को बेवजह लंबित न रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी फाइलों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा होना चाहिए, क्योंकि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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स्वास्थ्य महानिदेशक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकरण के निस्तारण में अकारण देरी पाई जाती है, तो संबंधित अनुभाग के प्रभारी अधिकारी की सीधे जिम्मेदारी तय की जाएगी। विलंब के कारणों का स्पष्ट उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विभागीय कामकाज की निगरानी मजबूत करने के लिए डॉ. सुनीता टम्टा ने संयुक्त निदेशक और सहायक निदेशक स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने अनुभागों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करें ताकि किसी भी स्तर पर फाइलें न अटकें।

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बैठक में सूचना का अधिकार अनुभाग के कार्यों की भी विशेष समीक्षा की गई। महानिदेशक ने निर्देश दिए कि आरटीआई से जुड़े सभी आवेदनों और अपीलों का तय समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आवेदकों को समय पर सही जानकारी मिल सके।

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कार्यालयीन अनुशासन को लेकर महानिदेशक ने सभी कर्मचारियों को निर्धारित समय पर दफ्तर में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनधिकृत अनुपस्थिति या देरी से दफ्तर पहुंचने को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. सुनीता टम्टा ने कहा कि पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था के लिए अनुशासन, समयबद्धता और जवाबदेही आवश्यक हैं। विभागीय फाइलों और प्रकरणों का समय पर निस्तारण ही राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मददगार साबित होगा।

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