देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों के साथ लगातार हो रही अभद्रता व मारपीट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने का बड़ा निर्णय लिया है। अस्पताल परिसर में डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न शिफ्टों में कुल 250 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस फैसले का सीधा असर अस्पताल में कार्यरत मेडिकल स्टाफ, मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा पर पड़ेगा।
अस्पताल प्रशासन ने यह कड़ा कदम हाल ही में घटी घटनाओं को देखते हुए उठाया है। जुलाई और अगस्त महीने के दौरान अस्पताल के भीतर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से मारपीट व अभद्रता की तीन अलग-अलग घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं से चिकित्साकर्मियों में भारी रोष और असुरक्षा का माहौल था, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शासन को पत्र भेजकर सुरक्षा बल बढ़ाने और तकनीकी निगरानी मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की है।
ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी वार्ड में अत्यधिक भीड़ के कारण आए दिन मरीजों के तीमारदारों और ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। बीच-बचाव करने आने पर गार्ड्स के साथ भी हाथापाई की नौबत आ जाती है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी में शिफ्ट के हिसाब से 250 गार्ड तैनात किए जाएंगे।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि 250 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके साथ ही इमरजेंसी और ओपीडी समेत पूरे अस्पताल परिसर में 250 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। शासन और निदेशालय से हरी झंडी मिलते ही नई सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी।

