कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी पर कसा कानूनी शिकंजा, गैर जमानती वारंट समेत कुर्की का नोटिस चस्पा

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देहरादून। कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी पर चल रहे धोखाधड़ी के मामले को लेकर बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। देहरादून पुलिस ने फरार आरोपी कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी के केशरवाला स्थित आवास पर मुनादी के साथ कुर्की का नोटिस चस्पा किया है इसी के साथ कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी समेत दो अन्य नामजद आरोपियों पर पुलिस का कानूनी शिकंजा कस गया है।

दरअसल, 7 अगस्त 2026 को न्यायालय द्वारा कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी उनके बेटे हर्षवर्धन सिंह नेगी और जौलीग्रांट निवासी मोहित कुमार (पुत्र अनिल कुमार) इन तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार फरार हैं और जांच में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं।

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बता दें कि थाना रायपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 252/2026 में वांछित तीनों अभियुक्तों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338, 61(2), 351(2) और 352 के तहत मामला पंजीकृत है। वहीं मामले की जांच कर रही पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों को पकड़ने के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

प्रारंभिक कार्रवाई के तहत पुलिस ने 5 अगस्त, 6 अगस्त और दोबारा 6 अगस्त 2026 को आरोपियों के घर पर दबिश दी, लेकिन पुलिस के हाथ कोई कामयाबी न लग सकी। इसके बाद NBW जारी होने पर पुलिस टीम ने 8 अगस्त, 9 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को फिर से उनके ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन आरोपी लगातार अपने पते से फरार रहे।

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लगातार फरारी और कानूनी प्रक्रिया से बचने की स्थिति को देखते हुए विवेचक ने न्यायालय से धारा 84/85 BNSS के तहत कार्रवाई का आदेश पारित करने की प्रार्थना की। अदालत ने पुलिस की आख्या का अवलोकन करने के बाद अभियुक्तों को कोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।

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इसके तहत अदालत ने मुख्य अभियुक्त कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी को अपना पक्ष रखने और परिवाद का जवाब देने के लिए 29 सितंबर 2026 को न्यायालय में हाजिर होने का आदेश जारी किया है। रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तिथि तक अभियुक्त आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति कुर्की सहित आगे की कठोर वैधानिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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