देहरादून शहर में दिन-प्रतिदिन बढ़ते ट्रैफिक के दबाव और जाम की गंभीर समस्या को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन ने शहर के सबसे व्यस्त इलाकों, परेड ग्राउंड और सचिवालय क्षेत्र के लिए एक डबल अंडरग्राउंड पार्किंग का ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिस पर लगभग 128 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई पहली समीक्षा बैठक में इस ‘मॉडल प्रोजेक्ट’ की बारीकियों पर चर्चा की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आधुनिक शहरी नियोजन और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए नागरिकों को पार्किंग की विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के बीच आधुनिक पार्किंग का निर्माण
लोक निर्माण विभाग की योजना के अनुसार, परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के बीच लगभग 6500 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक अंडरग्राउंड पार्किंग बनाई जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये तय की गई है, जिसमें करीब 390 वाहनों को एक साथ पार्क करने की क्षमता होगी। इस पार्किंग के शुरू होने से राजपुर रोड, एस्ले हॉल, सुभाष रोड और लैंसडाउन चौक जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों पर होने वाली अवैध पार्किंग से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी, जिससे यातायात सुगम होगा।
सचिवालय क्षेत्र की प्रस्तावित योजना और बजट पर चर्चा
सरकार की इस योजना का दूसरा हिस्सा राज्य सचिवालय के पास राजपुर रोड की ओर स्थित भूमि पर केंद्रित है, जहाँ 189 वाहनों की क्षमता वाली एक और अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस विशिष्ट हिस्से की लागत लगभग 68 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, समीक्षा बैठक के दौरान प्रति वाहन आने वाले ऊंचे खर्च पर आवास सचिव ने कुछ आपत्तियां जताई हैं। आने वाली बैठकों में सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ मिलकर इसके डिजाइन, लागत और संचालन के अंतिम मॉडल पर गहन मंथन कर निर्णय लिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और सुव्यवस्थित ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर
इस पूरी परियोजना के दौरान पर्यावरण संतुलन का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवास सचिव ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के समय शहर की यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एमडीडीए को मिलकर एक ठोस और समग्र ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान’ तैयार करने को कहा गया है। सरकार का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट को एक ऐसे उदाहरण के रूप में पेश करना है जो आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ शहर की प्राकृतिक सुंदरता और व्यवस्था को भी सुरक्षित रखे।

