उत्तराखंड में तीर्थ और टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट; मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

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उत्तराखंड सरकार प्रदेश में पर्यटन को नई गति देने के लिए रोपवे प्रोजेक्ट्स पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एक समीक्षा बैठक में केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और मसूरी रोपवे की औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जागेश्वर धाम को भी रोपवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। सरकार का उद्देश्य इन परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना है ताकि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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रोपवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति

इस क्रम में केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट के लिए अनुबंध के बाद एलओए जारी हो चुका है और लिडार सर्वे का काम पूरा हो गया है। वर्तमान में तकनीकी सर्वे का काम चल रहा है। हेमकुंड साहिब रोपवे के लिए भी एलओए जारी किया जा चुका है और अभी भूमि सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है।मसूरी रोपवे के लि मुख्य सचिव ने मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल से जुड़ी सड़कों की अड़चनों को अगले तीन दिनों के भीतर दूर करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर ध्यान

असुरक्षित स्थानों का उपचार करने के लिए मुख्य सचिव ने रोपवे मार्ग पर असुरक्षित स्थानों की पहचान कर वहां तुरंत सुधारात्मक कार्य शुरू करने को कहा है। जबकि केदारनाथ रोपवे के लोअर टर्मिनल पर पार्किंग और बाईपास व्यवस्था विकसित करने और आवश्यकतानुसार नए पुलों व बाईपास का निर्माण तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त पूरे प्रदेश में रोपवे प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता तय करने के लिए प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में एक उप-समिति बनाई गई है।