देहरादून में कैबिनेट मंत्रियों के सरकारी आवास को लेकर चल रही उहापोह की स्थिति अब समाप्त होती दिख रही है। काफी समय से अटकी हुई कैबिनेट मंत्री खजान दास के आवास की फाइल आखिरकार ‘नागलोक’ (सचिवालय के गलियारों के लिए प्रयुक्त शब्द) से बाहर निकल गई है। अब उन्हें यमुना कॉलोनी में स्थित ‘आर-वन’ और ‘आर-टू’ नामक दो कोठियों को मिलाकर एक भव्य सरकारी आवास आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शपथ ग्रहण के बाद वरिष्ठता के आधार पर बड़ी कोठी की उम्मीद लगाए बैठे समाज कल्याण मंत्री खजान दास के लिए यह निर्णय तब लिया गया, जब अन्य मंत्रियों ने पहले ही बड़ी कोठियों पर अपनी दावेदारी जता दी थी। इस आवास विवाद के सुलझने से अब मंत्रियों के बीच चल रही आवास की होड़ पर विराम लगने की उम्मीद है।
आवास आवंटन को लेकर मंत्रियों के बीच मची खींचतान
मंत्रिमंडल गठन के बाद देहरादून में बड़ी कोठियों के आवंटन को लेकर मंत्रियों के बीच खासी प्रतिस्पर्धा देखी गई। वरिष्ठ मंत्री खजान दास की नाराजगी की मुख्य वजह यह थी कि उनसे पहले ही अन्य मंत्रियों ने बड़ी और सुविधाजनक कोठियों की घेराबंदी कर ली थी और विधिवत आदेश जारी होने से पहले ही वहां अपनी नेम प्लेट लगा दी थी। खजान दास ने इस मामले में राज्य संपत्ति विभाग के प्रति गहरी नाराजगी जताई थी, जिसके बाद प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए दो अलग-अलग कोठियों को जोड़कर उनके स्तर के अनुकूल आवास तैयार करने का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में एक निजी कोठी की भी तलाश की गई थी, लेकिन बात न बनने पर अंततः सरकारी संपत्ति पर ही सहमति बनी।
पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के पास रहे आवासों का होगा कायाकल्प
जिन दो कोठियों को मिलाकर मंत्री खजान दास का नया आवास तैयार किया जा रहा है, उनका ऐतिहासिक महत्व भी है। ये दोनों कोठियां पूर्व में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे बीसी खंडूड़ी के पास रही हैं। मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्हें ये आवास आवंटित किए गए थे, लेकिन उनके पद से हटने के बाद इन्हें अलग-अलग लोगों को दे दिया गया था। अब राज्य संपत्ति विभाग ने इन कोठियों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का काम तेज कर दिया है ताकि इन्हें जल्द से जल्द मंत्री के रहने लायक बनाया जा सके। विभाग के सचिव आर. राजेश कुमार के अनुसार, आवास आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही इसके विधिवत आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

