मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ एक ज़ोरदार अभियान छेड़ दिया है। 06 मई 2026 को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर देहरादून के कुंआवाला, हरिद्वार रोड और ऋषिकेश के विभिन्न इलाकों में बड़ी कार्रवाई की, जिसमें 20 बीघा से अधिक भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान न केवल अवैध जमीन के धंधे पर प्रहार किया गया, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई कई बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक परिसरों को भी मौके पर ही सील कर दिया गया, जिससे भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
देहरादून के कुंआवाला और रायपुर रोड पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
प्राधिकरण ने देहरादून के किद्दूवाला-तुन्नुवाला और कुंआवाला क्षेत्रों में विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। यहाँ संजीव शर्मा, नवीन डोबरीयाल, संजय उपाध्यय, रौबिन चौहान और प्रतीक जुयाल जैसे व्यक्तियों द्वारा लगभग 20 बीघा ज़मीन पर बिना अनुमति के प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था, जिसे सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा और मनीष मेहर की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी ऐसे अनधिकृत निर्माणों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और सार्वजनिक ज़मीन या बिना नक्शे की कॉलोनियों पर सख्त नजर रखी जाएगी।
ऋषिकेश में अवैध व्यावसायिक और रिहायशी इमारतों की सीलिंग
ऋषिकेश के आमबाग, निर्मल बाग, गंगा विहार और मनसा देवी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एमडीडीए ने अवैध रूप से बनी बहुमंजिला इमारतों पर अपना शिकंजा कसा है। इस कार्रवाई के तहत जय राम सेमवाल, लक्ष्मी भट्ट, भानू रावत और संजय चौधरी सहित कई अन्य लोगों द्वारा बनाए गए अवैध व्यावसायिक और आवासीय ढांचों को सील कर दिया गया है। सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज और उनकी टीम ने पुलिस बल के सहयोग से इन इमारतों के गेट बंद कर कानूनी मुहर लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि व्यावसायिक उपयोग के लिए बिना वैध मानचित्र के किया गया कोई भी निर्माण कानूनन अपराध है और ऐसे सभी मामलों में सीलिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी।
प्राधिकरण की जनता से अपील और भविष्य की चेतावनी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई फंसाने से पहले किसी भी प्लॉट या भवन की वैधता की जांच प्राधिकरण के कार्यालय से जरूर कर लें। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जो लोग नियमों के विरुद्ध जाकर निर्माण कार्य कर रहे हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक तेज किया जाएगा ताकि देहरादून और ऋषिकेश का विकास एक नियोजित और कानूनी ढांचे के तहत सुनिश्चित हो सके।

