देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 11 जुलाई 2026 को शहर में दूध, पनीर और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले तीन रेस्टोरेंटों को मौके पर ही सील करा दिया गया।
विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडे के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के तहत विभागीय टीमों ने नामचीन होटलों के किचन से लेकर स्टोर तक की पड़ताल की। इस सघन जांच के दौरान शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों में कई गंभीर खामियां सामने आईं और त्वरित कार्रवाइयां की गईं। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार, विभागीय टीमों ने होटल मधुवन, जेएसआर और फाइव स्टार होटल सरोवर पोर्टिको के किचन व स्टोर को खंगालते हुए खाद्य सामग्री के बिल, लेबलिंग और निर्माण तिथियों की गहन जांच की।
इस दौरान होटल सरोवर पोर्टिको में पैक्ड इमली की लेबलिंग तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिस पर संबंधित निर्माता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि दाल और चीज के सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। इसके अतिरिक्त, गंभीर गंदगी और बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाए गए राजीव (पुत्र श्री दरवारी लाल), गढ़वाल भोजनालय और लजीज काठी रोल नामक तीन रेस्टोरेंटों का संचालन मौके पर ही तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।
वहीं, मिलावट पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के नेहरू ग्राम और 6 नंबर पुलिया स्थित दुग्ध प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर संदिग्ध दूध और खुले पनीर के नमूने एकत्र किए गए। कार्रवाई के उपरांत खाद्य संरक्षा विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि आम जनता की थाली में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी सूरत में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मिलावटखोरों के खिलाफ नियमित रूप से ऐसा निरीक्षण और अभियान जारी रखने के कड़े निर्देश जारी किए। इस व्यापक प्रशासनिक कार्रवाई में उपायुक्त राजेंद्र रावत, सहायक आयुक्त मनीष सयाना और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह समेत पूरी विभागीय टीम मुस्तैदी से शामिल रही।

