देहरादून के ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित डीएम सविन बंसल के जनता दरबार में सोमवार को जन समस्याओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान कुल 239 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें सबसे अधिक मामले स्कूल फीस माफी और आर्थिक सहायता से संबंधित थे। डीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया और आर्थिक मदद व बिलों के भुगतान के आदेश दिए। इस दौरान अजबपुर कलां की एक महिला की व्यथा सुनकर डीएम ने सख्त तेवर अपनाए, जिसे उसके बेटों ने घर से बेदखल कर दिया था। डीएम ने तत्काल ‘भरण-पोषण अधिनियम’ के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ से बेटियों की पढ़ाई का सहारा
प्रशासन ने उन बेटियों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है जिनकी पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण छूटने की कगार पर थी। ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत रजनी कश्यप, हसीना, कविता और अन्य बालिकाओं के साथ-साथ कैंसर पीड़ित धीरज की बेटियों की स्कूल फीस भरी जाएगी। इसके अलावा, किरण की पुत्री की शिक्षा का जिम्मा भी इसी प्रोजेक्ट के तहत लिया गया है और उनके पुत्र की फीस माफी के लिए संबंधित स्कूल को पत्र लिखा गया है।
बकाया बिलों और हाउस टैक्स से मिली राहत
जनता दरबार में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत दी गई। शिवलोक कॉलोनी की एक महिला, जो पारिवारिक हादसों के कारण करीब 47 हजार रुपये का हाउस टैक्स भरने में असमर्थ थी, उसकी मदद के लिए डीएम ने राइफल क्लब फंड से राशि जमा करने के निर्देश दिए। वहीं, एक अन्य 66 वर्षीय महिला के 12,776 रुपये के पानी के बिल का सेटलमेंट कर जिला प्रशासन ने खुद उसका भुगतान करने का निर्णय लिया।
लखवाड़ बांध प्रभावितों को मिलेगा मुआवजा
लंबे समय से मुआवजे की राह देख रहे लखवाड़ बांध प्रभावित चतर सिंह, लुदर सिंह और अन्य ग्रामीणों की शिकायत पर भी डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल मुआवजा दिलाने की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को उनका हक मिल सके।

