देहरादून। सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सड़क सुरक्षा समिति की अहम बैठक की। इस बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और देहरादून निगम क्षेत्र की 92 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 46 अधिकारियों की विशेष तौर पर तैनाती की है। इस प्रशासनिक फैसले का सीधा असर शहर की सड़कों की स्थिति सुधारने में जुटे विभागों और लापरवाह कार्यदायी संस्थाओं पर पड़ेगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रमुख और आंतरिक सड़कों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ये अधिकारी अपने आवंटित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों और जरूरी मरम्मत कार्यों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद इन अधिकारियों को दो दिनों के भीतर फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी, जिसके आधार पर संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सख्ती के तहत डीएम ने आशारोड़ी टनल के आसपास समेत अन्य दुर्घटना संभावित जगहों पर प्राथमिकता से सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए हैं। आशारोड़ी क्षेत्र में पहले ही 58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1880 मीटर मीडियन मार्कर और 500 मीटर सोलर स्टड्स लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा, नगर निगम क्षेत्र में खराब स्ट्रीट और ट्रैफिक लाइटों की स्मार्ट सिटी के जरिए तत्काल मेंटेनेंस कराने और मसूरी में रैश ड्राइविंग पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है।
दूसरी ओर, नगर निगम देहरादून ने भी सड़क खोदकर काम अधूरा छोड़ने वाली संस्थाओं के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने विकास कार्यों से जुड़ी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि सड़क खोदने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। काम पूरा होते ही सड़क की मरम्मत करानी होगी और कटिंग से पहले मौके पर विभाग का नाम, ठेकेदार का नंबर और संभावित तिथि वाला बड़ा सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि खुदाई स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और रात के लिए पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करना जरूरी होगा। सड़क पर निर्माण सामग्री या मलबा बेतरतीब ढंग से फैले होने पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई है। नियमों का पालन न करने पर संबंधित संस्थाओं और ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

