देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शातिर साइबर अपराधियों ने आतंक मचाते हुए दो अलग-अलग बड़ी वारदातों में कुल 42.54 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। पहले सनसनीखेज मामले में टिहरी गढ़वाल की एक महिला को फेसबुक फ्रेंडशिप के बाद ‘डिजिटल अरेस्ट’ की तर्ज पर डराकर 24.04 लाख रुपये लूटे गए। वहीं, दूसरे मामले में रायपुर क्षेत्र के एक युवक को टेलीग्राम पर घर बैठे पार्ट-टाइम जॉब और क्रिप्टो ट्रेडिंग का झांसा देकर 18.50 लाख रुपये का चूना लगाया गया है।
इन दोनों बड़ी वारदातों के बाद देहरादून पुलिस और एसटीएफ अलर्ट पर है। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के निर्देश पर पुलिस टीमें ठगों के बैंक खातों को फ्रीज कराने और उनके आईपी एड्रेस ट्रैक करने में जुट गई हैं।
पहले बना डॉक्टर, फिर कस्टम और पुलिस
मुनि की रेती के 14 बीघा क्षेत्र की रहने वाली भगवती देवी ने पुलिस को बताया कि 10 मार्च को फेसबुक पर उनकी दोस्ती खुद को डॉक्टर बताने वाले शिवम सैनी से हुई थी। जल्द ही दोनों व्हाट्सएप पर बातचीत करने लगे। कुछ दिनों बाद कथित डॉक्टर ने भारत आने की बात कही, जिसके ठीक अगले दिन महिला के पास दिल्ली एयरपोर्ट से एक फर्जी कस्टम अधिकारी का फोन आया।
फोन करने वाले ने महिला को धमकाते हुए कहा कि उसके डॉक्टर दोस्त को भारी मात्रा में अवैध सोने और कैश के साथ पकड़ा गया है। इसी बीच एक दूसरे ठग ने पुलिस अधिकारी बनकर कॉल किया और धमकी दी कि यदि तुरंत पैसे नहीं भेजे गए, तो महिला और मलेशिया में नौकरी कर रहे उसके पति को जेल भेज दिया जाएगा। पति से संपर्क न हो पाने के कारण महिला बुरी तरह डर गई।
डर के साए में जी रही महिला ने पहली बार में 11 और 13 मार्च को 40-40 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपियों ने उसके आधार और पैन कार्ड की कॉपी भी हासिल कर लीं। गिरफ्तारी और बदनामी के डर से महिला अलग-अलग किस्तों में कुल 24,04,071 रुपये अपराधियों के खातों में ट्रांसफर करती चली गई। घबराकर महिला ने जुलाई में पुलिस की शरण ली, जिसके बाद अब एफआईआर दर्ज की गई है।
होटलों को लाइक करने का मिला टास्क
दूसरा मामला रायपुर के अमन विहार का है। यहाँ के निवासी ललित बोरा के व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से मैसेज आया। मैसेज करने वाली महिला ने खुद को एक निजी कंपनी की प्रतिनिधि नेहा शर्मा बताते हुए ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब की पेशकश की। शुरू में ललित को यूट्यूब और होटलों के ऑनलाइन रिव्यू लिखने के बदले कुछ पैसे दिए गए, जिससे ललित का भरोसा जीत लिया गया।
एक बार विश्वास जीतने के बाद ठगों ने ललित को टेलीग्राम के एक वीआईपी ग्रुप में जोड़ा और क्रिप्टो ट्रेडिंग का झांसा दिया। आरोपियों ने एक फर्जी लिंक के जरिए बीटीसी/यूएसडीटी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उसका रजिस्ट्रेशन कराया। शुरुआत में छोटा मुनाफा दिखाकर ठगों ने ललित से टैक्स और एडवांस टास्क के बहाने लगातार पैसे निवेश कराए और कुल 18.50 लाख रुपये हड़प लिए।
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि दोनों मामलों में पुलिस बेहद बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर डरें नहीं और न ही घर बैठे कमाई के लालच में आएं। यदि कोई भी ऐसी संदेहास्पद गतिविधि होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

