हरिद्वार। उत्तराखंड में कानून के दायरे में आए किशोरों के पुनर्वास और उनके भविष्य को नई दिशा देने के लिए एक बड़ी परियोजना की शुरुआत हुई है। सूबे की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को हरिद्वार में राज्य के पहले समर्पित ‘राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी’ की आधारशिला रखी।
इस नए केंद्र के निर्माण से राज्य के उन किशोरों को बेहतर शिक्षा और सकारात्मक माहौल मिल सकेगा, जिन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण पर कुल 555.15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
हरिद्वार में बनने वाले इस आधुनिक सुरक्षा और सुधार भवन की कुल क्षमता 50 किशोरों की तय की गई है। इस स्वतंत्र भवन का निर्माण पूरा होते ही यह उत्तराखंड का पहला ऐसा राजकीय संचालित ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ केंद्र बन जाएगा, जहां किशोरों की सुरक्षा और विकास के पुख्ता इंतजाम होंगे।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में हरिद्वार में ‘विशेष गृह’ और ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ दोनों ही महत्वपूर्ण इकाइयां जगह की कमी के चलते एक ही परिसर से संचालित की जा रही हैं।
किशोरों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस नए और पूरी तरह से अलग भवन के निर्माण को मंजूरी दी है। इस नए केंद्र का मुख्य उद्देश्य इन किशोरों को सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक कौशल विकास से जोड़ना है।
“मील का पत्थर साबित होगा यह प्रोजेक्ट”
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह नया भवन किशोरों के व्यावहारिक सुधार और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में एक बड़ा माध्यम बनेगा। आधारशिला रखने के बाद कैबिनेट मंत्री ने हरिद्वार स्थित राजकीय बाल देखरेख गृह, संप्रेक्षण गृह और राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी का औचक निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां रह रहे बच्चों की शिक्षा, खान-पान और उनकी दैनिक दिनचर्या का बारीकी से जायजा लिया। मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि बच्चों की देखभाल और उनकी बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान बाल देखरेख गृह के बच्चों ने अतिथियों के स्वागत में शिक्षाप्रद और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए, जिसकी सभी ने सराहना की। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी राजीव नयन और जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

