देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के बीच मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पिछले दो दिनों से बारिश का सिलसिला थमने के कारण मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिनभर चटक धूप खिलने की वजह से तापमान में तेजी से इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्री भी बेहाल हैं।
रविवार के बाद सोमवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रिकॉर्ड किया गया। चटक धूप के कारण लोग दोपहर के समय घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर चढ़कर 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
गर्मी का यह सितम सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रातें भी बेहद उमस भरी हो गई हैं। दून में रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। कमोवेश यही स्थिति हरिद्वार, उधमसिंह नगर और आसपास के मैदानी इलाकों में भी बनी हुई है।
पहाड़ों में भी उमस का असर, 19 जुलाई तक राहत के आसार कम
आमतौर पर ठंडे रहने वाले पर्वतीय क्षेत्रों में भी इस शुष्क मौसम का सीधा असर देखा जा रहा है। पर्वतीय जिलों के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में साफ किया है कि आज यानी 14 जुलाई को भी पूरे प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क बना रहेगा, जिससे तापमान और बढ़ सकता है।
हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में आंशिक राहत की संभावना जताई है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं बिजली चमकने के साथ हल्की से तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसके विपरीत, देहरादून और आसपास के इलाकों में आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड में फिलहाल मानसून का एक शुष्क दौर चल रहा है। आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की बात करें तो 19 जुलाई तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही बने रहने के आसार हैं। डॉक्टरों ने इस उमस भरी गर्मी को देखते हुए लोगों को डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अधिक से अधिक लिक्विड डाइट लेने की सलाह दी है।

