देहरादून। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती में हुई लाखों की हेराफेरी के मामले में चमोली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति के निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। एसआईटी टीम के सुपरवाइजर और डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने इस एक्शन की पुष्टि की है।
इस बड़े घोटाले की जांच फिलहाल तीन स्तरों पर चल रही है। पहला- मंदिर समिति की आंतरिक जांच, दूसरा- पुलिस की एसआईटी जांच, और तीसरा- गढ़वाल कमिश्नर की अगुआई में व्यवस्थागत खामियों की जांच।
सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस, मां ने जताई अपहरण की आशंका
इस मामले में तब नया मोड़ आ गया जब देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित आरोपी के घर सादे कपड़ों में पुलिस पहुंची। पुलिसकर्मी पूछताछ की बात कहकर प्रमोद नौटियाल को अपने साथ ले गए। कई घंटे तक जब प्रमोद घर नहीं लौटे, तो परिजनों में हड़कंप मच गया।
प्रमोद नौटियाल की मां हेमलता नौटियाल ने नेहरू कॉलोनी की बाईपास चौकी में तहरीर दी है। परिजनों का कहना है कि हाईकोर्ट ने 16 जुलाई तक प्रमोद की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। ऐसे में रात के समय इस तरह ले जाए जाने से उन्हें बेटे के अपहरण की आशंका है। उन्होंने पुलिस से प्रमोद को सकुशल बरामद करने की मांग की है।
सिर्फ 1.5 महीने का CCTV फुटेज बड़ी चुनौती
नेहरू कॉलोनी के थाना प्रभारी मनोज नौटियाल के मुताबिक, मामला चमोली के कर्णप्रयाग थाने में दर्ज है। इसलिए संभावना है कि वहां की पुलिस ही प्रमोद को पूछताछ के लिए ले गई है।
दूसरी ओर, मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने साक्ष्य जुटाने की बड़ी चुनौती है। मंदिर समिति के पास धाम का सिर्फ डेढ़ महीने का ही सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है। ऐसे में पुराने डेटा को रिकवर करने के लिए डीवीआर की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। एसआईटी ने समिति के कर्मचारियों का पिछले 3 साल का ड्यूटी रिकॉर्ड भी मांगा है, जिससे मंदिर समिति के भीतर खलबली मची हुई है।

