आधे सच की राजनीति, पूरी तस्वीर से परहेज..? सीएम धामी के विकास मॉडल की गूंज, MoU से लेकर मैदान तक उतर रहे उद्योग….आंकड़े बयां कर रहे पूरी कहानी…

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देहरादून। “अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना, जिसकी जैसी फितरत थी उसने उतना ही पहचाना।” उत्तराखंड की राजनीति में यह पंक्ति इन दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कामकाज पर खूब सटीक बैठती दिखाई देती है। एक तरफ विपक्ष सवाल उठाता है, तो दूसरी ओर धामी सरकार अपने काम को आंकड़ों और धरातल पर उतरती परियोजनाओं के जरिए जवाब देने का दावा कर रही है। खासकर निवेश और उद्योग के क्षेत्र में सरकार का कहना है कि जो कभी केवल घोषणाएं मानी जा रही थीं, वे अब जमीन पर आकार लेने लगी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता संभालने के बाद उत्तराखंड को सिर्फ पर्यटन राज्य के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, आईटी, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर और लॉजिस्टिक्स के नए केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा। इसी सोच के तहत आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में लगभग ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव (एमओयू) हुए। सरकार का दावा है कि इनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं की ग्राउंडिंग हो चुकी है और अनेक परियोजनाएं धरातल पर दिखाई देने लगी हैं। इसका असर सबसे पहले औद्योगिक क्षेत्रों में दिखाई देता है। ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में नेस्ले इंडिया ने अपनी फूड प्रोसेसिंग इकाई का विस्तार किया। हरिद्वार में पतंजलि समूह ने एफएमसीजी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नई उत्पादन क्षमता विकसित की। आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर ने भी अपने प्लांटों का विस्तार कर उत्पादन बढ़ाया। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई।
ऑटोमोबाइल सेक्टर भी पीछे नहीं रहा। हरिद्वार में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई, जबकि पंतनगर में अशोक लीलैंड ने अपने संयंत्र का विस्तार किया। टीवीएस सप्लाई चेन ने भी लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए। सरकार का दावा है कि इन विस्तार परियोजनाओं से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की राह खुली है।
राजधानी देहरादून को आईटी हब बनाने की दिशा में भी कदम बढ़े हैं। नगारो और टू दी न्यू जैसी कंपनियों ने यहां अपने कार्यालय शुरू किए हैं। लंबे समय से राज्य के युवा आईटी क्षेत्र में नौकरी के लिए बेंगलुरु, पुणे और गुरुग्राम का रुख करते थे, लेकिन अब उत्तराखंड में भी अवसर बढ़ने की उम्मीद जगी है। ऊर्जा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में जेएसडब्ल्यू समूह की परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं, जबकि अडानी समूह ने भी लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अलावा ड्रोन, मेडिकल डिवाइस, एयरोस्पेस, फूड प्रोसेसिंग, सेमीकंडक्टर, एग्रीटेक और हेल्थकेयर से जुड़ी कई परियोजनाओं पर भी काम जारी है। रानीपोखरी में प्रस्तावित आईटी टावर और डोईवाला की एयरोसिटी को भी सरकार भविष्य के बड़े विकास केंद्र के रूप में देख रही है।
सरकार का तर्क है कि निवेश केवल उद्योग लगाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसके साथ सड़क, बिजली, पानी, परिवहन, होटल, वेयरहाउसिंग और स्थानीय कारोबार भी बढ़ता है। यही कारण है कि निवेश को राज्य की अर्थव्यवस्था के इंजन के रूप में पेश किया जा रहा है।
बेशक विपक्ष यह सवाल उठाता है कि हर एमओयू उद्योग में नहीं बदलता और कई परियोजनाएं अभी प्रक्रिया में हैं। लेकिन सरकार का कहना है कि पहली बार निवेश प्रस्तावों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और बड़ी संख्या में परियोजनाएं या तो निर्माणाधीन हैं या उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहेंगे, लेकिन यदि इन निवेशों से रोजगार, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलती है, तो इसका लाभ सीधे उत्तराखंड के युवाओं और आम जनता को मिलेगा। शायद इसी वजह से धामी सरकार बार-बार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि विकास का मूल्यांकन नारों से नहीं, बल्कि धरातल पर खड़े उद्योगों और मिलने वाले रोजगार से होना चाहिए।

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उत्तराखंड में प्रमुख निवेश प्रस्ताव (MoU) – कंपनीवार विवरण

क्रमांककंपनी का नामप्रस्तावित निवेश (₹ करोड़)क्षेत्रस्थिति/मानदंड
1यूजेवीएन लिमिटेड (UJVN Ltd.)5,747ऊर्जास्वीकृत CAF
2आईटीसी लिमिटेड (ITC Ltd.)4,400विनिर्माणस्वीकृत CAF
3ब्लूडेंज इंडस्ट्रीज़ प्रा. लि. (Bludenz Industries Pvt. Ltd.)1,200विनिर्माणस्वीकृत CAF
4आरएचपी (RHP)1,100विनिर्माणआरएम, हरिद्वार
5थापर (Thapar)1,000पर्यटन
6नटराज होल्डिंग एंड इंफ्रा डेवलपर्स1,000अवसंरचनाजीएम, हरिद्वार
7एटेरो (Attero)700विनिर्माणकस्टमाइज्ड
8नैनी पेपर्स (Naini Papers)625विनिर्माणआरएम, पंतनगर
9मां शीतला वेंचर्स लिमिटेड470विनिर्माणस्वीकृत CAF
10लैंको मंदाकिनी हाइड्रो एनर्जी प्रा. लि.466ऊर्जास्वीकृत CAF
11स्वर्णिम प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स425रियल एस्टेटआरएम, पंतनगर
12जेजीएन शुगर एंड बायोफ्यूल्स प्रा. लि.380विनिर्माणस्वीकृत CAF
13ईस्ट अफ्रीकन इंडिया ओवरसीज379विनिर्माणसिडकुल भूमि आवंटन
14माइज सिटकेम लिमिटेड (Maiz Citchem Ltd.)350विनिर्माणस्वीकृत CAF
15टीवीएस श्रीचक्र लिमिटेड315विनिर्माणआरएम, पंतनगर
16एक्मे क्लीनटेक सॉल्यूशंस प्रा. लि.301विनिर्माणस्वीकृत CAF
17राइट टाइट फास्टनर्स प्रा. लि.300विनिर्माणआरएम, पंतनगर
18मसूरी स्काई कार कंपनी प्रा. लि.284पर्यटनस्वीकृत CAF
19सर्वो फार्मास्यूटिकल्स प्रा. लि.280विनिर्माणआरएम, सितारगंज
20देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड234रियल एस्टेटस्वीकृत CAF
21डीएसके फूड्स प्रा. लि.233विनिर्माणसिडकुल भूमि आवंटन
22आरोग्यम एजुकेशनल ट्रस्ट230स्वास्थ्यआरएम, आईटी पार्क
23न्यूरो स्टील रोलिंग मिल्स लिमिटेड230विनिर्माणआरएम, हरिद्वार
24सुदामा वुड पैनल प्रा. लि.225विनिर्माणसिडकुल भूमि आवंटन
25हैमिल्टन हाउसवेयर्स प्रा. लि.200विनिर्माणस्वीकृत CAF
26सितारगंज फाइबर लिमिटेड200विनिर्माणआरएम, सितारगंज
27इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड182विनिर्माणस्वीकृत CAF
28उत्तराखंड फ्लोरीटेक (रामनगर रोड, काशीपुर)180रियल एस्टेटजीएम, ऊधम सिंह नगर
29वाल्टर बुशनेल लाइफसाइंस प्रा. लि.173विनिर्माणस्वीकृत CAF
30सिक्का सुपरब स्पेज प्रा. लि.161पर्यटनस्वीकृत CAF
31पशुपति एक्सकर्शन प्रा. लि.150विनिर्माणजीएम, ऊधम सिंह नगर
32पशुपति पॉलीटेक्स प्रा. लि.150विनिर्माणजीएम, ऊधम सिंह नगर
33सारा एमिनेंट125विनिर्माणस्वीकृत CAF
34परफेटी वैन मेल्ले इंडिया प्रा. लि.124विनिर्माणस्वीकृत CAF
35अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड120विनिर्माणस्वीकृत CAF
36देवन्या होटल एंड रिसॉर्ट्स प्रा. लि.113पर्यटनस्वीकृत CAF
37वर्व ह्यूमन केयर लेबोरेटरीज103विनिर्माणस्वीकृत CAF
38हीरल लैब्स लिमिटेड (यूनिट-2, भगवानपुर)100विनिर्माणजीएम, हरिद्वार
39शिव ज्योति इंडस्ट्रियल एस्टेट, भगवानपुर100अवसंरचनाजीएम, हरिद्वार
40पैसिफिक डेवलपमेंट रिटेल प्रा. लि.97रियल एस्टेटस्वीकृत CAF