देहरादून: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी’ (LUCC) चिटफंड घोटाले के मामले में एक बड़ा कदम उठाया है। CBI ने देहरादून स्थित विशेष अदालत में इस घोटाले से जुड़े 18 आरोपियों और संबंधित संगठनों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। इस बहुचर्चित घोटाले में जनता की मेहनत की कमाई को हड़पने का आरोप है। CBI द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में इस धोखाधड़ी के मुख्य चेहरों और उनके मददगारों को नामजद किया गया है।
इन आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट:
CBI ने समीर अग्रवाल,शादाब हुसैन,उत्तम कुमार सिंह राजपूत,सानिया अग्रवाल (पत्नी- समीर अग्रवाल),माया सिंह राजपूत,(पत्नी- उत्तम कुमार सिंह राजपूत),जितेन्द्र सिंह निरंजन,दिनेश सिंह,गिरीश चंद सिंह बिष्ट,उर्मिला बिष्ट (पत्नी- जगमोहन बिष्ट),जगमोहन बिष्ट,ममता भंडारी,तरुण कुमार मौर्य,गौरव उर्फ गौरव रोहिला,सुशील गोखरू,किशनलाल उदयलाल जैन,पंकज कुशल सिंह जैन,राजेंद्र सिंह बिष्ट,LUCC (संस्थान) समेत 18 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
इन कड़े कानूनों के तहत कसेगा शिकंजा:
जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के लिए नए और पुराने दोनों कानूनों की गंभीर धाराओं का इस्तेमाल किया है। आरोपियों पर मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिनियमों के तहत मामला दर्ज किया गया है:
- भारतीय दंड संहिता (IPC) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएँ।
- उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम ,अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम (Banning of Unregulated Deposit Schemes Act – BUDS Act)।
LUCC चिटफंड कंपनी पर आरोप है कि उसने उत्तराखंड और आसपास के राज्यों में सीधे-साधे लोगों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। CBI की इस चार्जशीट के बाद अब इस पूरे नेक्सस पर कानून का शिकंजा और कसना तय माना जा रहा है।

