उत्तराखंड कैबिनेट: 10 प्रस्ताव पास, नन्ही परी संस्थान को भूमि और स्कूली बच्चों को बेहतर मिड-डे मील

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देहरादून। उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक के फैसलों की जानकारी अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। बैठक में नन्ही परी संस्थान पिथौरागढ़ को तीन हेक्टेयर भूमि देने का प्रस्ताव पास हुआ।

कैबिनेट ने तकनीकी विवि के इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी। इससे उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

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उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग संशोधन नियमावली 2026 को स्वीकृति मिली। इससे पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी। प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत पीएम पोषण योजना में अक्षय पात्र फाउंडेशन श्रीनगर को स्कूलों में पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई। कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को मिड-डे मील के रूप में यह सुविधा मिलेगी।

सहकारिता विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने का फैसला लिया गया। कुंभ मेले के ऑडिट के लिए वरिष्ठ लेखा अधिकारी और अधिशासी अभियंता के दो पद सृजित किए गए। वित्त विभाग में पदोन्नति नियमावली में संशोधन कर ज्येष्ठता आधारित पदोन्नति को मंजूरी दी गई।

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ऑडिट प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने के लिए दो पदों का परिवर्तन और दो नए पदों का सृजन मंजूर हुआ। विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के बेहतर संचालन के लिए सहसपुर में सात पद सृजित किए गए। बापूग्राम, बिंदुखत्ता और 54 बग्गा भूमि मामले पर मुख्य सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्य सचिव समिति गठित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेंगे।

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वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसा बोर्ड के बजट की मद को समाप्त करने का फैसला कैबिनेट ने लिया। इन फैसलों से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, पर्यटन सुरक्षा, स्कूली बच्चों का पोषण और प्रशासनिक सुधार को गति मिलेगी। कैबिनेट के फैसले राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।

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