बद्रीनाथ धाम। बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी के आरोपों के बीच मंदिर समिति के कार्यकारी अधिकारी पीए प्रमोद नीतियाल ने खुद नोट गिनने का काम संभाला। 13 जुलाई को हुई गिनती के दौरान उन्होंने कर्मचारियों को किनारे कर दिया। इस घटना से मंदिर समिति में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
गोवेश्वर से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को बद्रीनाथ में चढ़ावे की गिनती के दौरान पीए प्रमोद नीतियाल ने 13 श्रद्धालुओं के साथ मिलकर नोट गिने। इस दौरान किसी कर्मचारी को गिनती में शामिल नहीं किया गया। कर्मचारियों ने इस पर नाराजगी जताई है।
बीकेटीसी की जांच समिति ने घटनास्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ की। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें गिनती शुरू होने की कोई सूचना नहीं दी गई।
सीसीटीवी फुटेज और लैपटॉप का मुद्दा
पुलिस ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से प्रतिदिन के हिसाब-किताब और सीसीटीवी फुटेज तलब कर लिए हैं। साथ ही गायब लैपटॉप का पूरा ब्योरा भी मांगा गया है।
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सीआईओ से सीपीएसए के तहत लैपटॉप और डेस्कटॉप का ब्योरा मांगा है। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने मंदिर समिति कार्यालय पहुंचकर जानकारी जुटाई।
पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने के कारण जांच समिति बद्रीनाथ पहुंचने में देरी का सामना कर रही है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में मुख्य मुद्दा चढ़ावे की सुरक्षा और गिनती की पारदर्शिता का है। पुलिस जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सौंपने वाली है।
यह घटना बद्रीनाथ धाम जैसे पवित्र स्थल में चढ़ावे की व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। मंदिर समिति और प्रशासन दोनों स्तर पर जांच चल रही है।

