हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में हुए करोड़ों रुपये के महाघोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी इप्सिता रावत की तहरीर पर सिडकुल थाने में जिले के 19 बड़े शिक्षण संस्थानों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। शासन के सख्त आदेश पर हुई इस जांच में सरकारी धन के गबन की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हरिद्वार पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने पूरे घोटाले की गहराई से परतें खोलने के लिए सीओ सदर एसपी बलूनी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। पुलिस का दावा है कि इस घोटाले के तार कई रसूखदार लोगों से जुड़े हैं।
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल से खुली भ्रष्टाचार की पोल
इस बड़े घोटाले का खुलासा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर वर्ष 2021-22 और 2022-23 के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद हुआ। पोर्टल पर दर्ज जानकारियों में भारी गड़बड़ी मिलने के बाद, केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 21 मार्च 2025 को संदिग्ध संस्थानों की गहन जांच के निर्देश दिए थे।
इसके बाद उत्तराखंड शासन के आदेश पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष जांच समितियां बनाई थीं। भगवानपुर, लक्सर, हरिद्वार और रुड़की के उपजिलाधिकारियों ने जब इन संदिग्ध संस्थानों का भौतिक सत्यापन किया, तो बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और शासकीय धन के गबन का सच सामने आया।
इन 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
प्रशासनिक जांच में 19 स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों को सीधे तौर पर इस धोखाधड़ी में लिप्त पाया गया है। इनमें गॉड ब्लेस पब्लिक स्कूल, सहदेवपुर, एम.जी.स्कूल, अहमदपुर ग्रांट, एसएन इंटर कॉलेज धीरवाली, ज्वालापुर, सैनी प्राइवेट आईटीआई औद्योगिक क्षेत्र, बहादराबाद, जय भारती प्राइवेट आईटीआई पर्दाथा उर्फ धनपुरा, एसबीएन प्राइवेट आईटीआई टिक्कमपुर, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर मुस्तफाबाद, विश्व भारती पब्लिक स्कूल गाडोवाली, मदरसा नूर-ए-हसन, हरिद्वार, जय भारत पीएस, बिन्दूखड़कर, हन्नू आईटीआई, भगवानपुर, रेडियंस एकेडमी, नेहन्दपुर सुठारी, लक्सर, रामतीर्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रहमतपुर, रुड़की, पुहाना, महर्षि दयानंद प्राइवेट आईटीआई धनौरी, संस्कृति पब्लिक स्कूल, भौरी, रुड़की, कांजेल इमलीखेड़ा, रुड़की, एसडीपीसी गर्ल्स इंटर कॉलेज, रुड़की, बढ़ेड़ी राजपूताना, रुड़की शामिल हैं।
घोटाले की आंच में बड़े नेता, राजनीतिक गलियारों में खलबली
आधिकारिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इस छात्रवृत्ति घोटाले की जद में आए रुड़की क्षेत्र के दो बेहद बड़े शिक्षण संस्थान सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बताए जा रहे हैं। इनके अलावा कुछ अन्य रसूखदार राजनेताओं के स्कूल-कॉलेज भी इस जाल में फंसे हैं। यही कारण है कि मुकदमा दर्ज होते ही जिले की राजनीति गरमा गई है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने साफ कर दिया है कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि नवगठित एसआईटी बिना किसी राजनीतिक दबाव के पूरी निष्पक्षता से जांच करेगी। इस घोटाले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

