देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए कानपुर निवासी सुनीत मिश्रा ने इलाज के लिए आर्थिक मदद न मिलने पर राज्य मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित ने आयोग से गुहार लगाते हुए राज्य सरकार से वित्तीय सहायता दिलाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने देहरादून के जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है।
आयोग में दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, कानपुर के रहने वाले सुनीत मिश्रा बीते पांच जून को बदरीनाथ धाम की यात्रा पर थे। इसी दौरान चमोली जिले के पीपलकोटी के पास अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर उनके सिर पर आ गिरा। इस हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें बेहद नाजुक हालत में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर तत्काल एम्स ऋषिकेश लाया गया था।
एम्स ऋषिकेश में चल रहा इलाज, सरकारी मदद का इंतजार
हादसे के बाद से सुनीत मिश्रा का उपचार लगातार एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें इलाज के लिए राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई भी आर्थिक सहायता मुहैया नहीं कराई गई है। इलाज का भारी खर्च उठाने में अब पूरा परिवार असमर्थ महसूस कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने इलाज में मदद की आस में मुख्यमंत्री पोर्टल, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के सामने भी कई बार अपनी गुहार लगाई। इन तमाम संबंधित विभागों से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई थी, लेकिन हर जगह से केवल आश्वासन मिला और अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल पाई है। हर तरफ से निराश होने के बाद ही परिवार ने मानवाधिकार आयोग की शरण ली।
मानवाधिकार आयोग सख्त, देहरादून जिलाधिकारी से मांगी रिपोर्ट
आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस श्रद्धालु परिवार की व्यथा सुनने के बाद राज्य मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस पूरे मामले में देहरादून के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर तत्काल रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। आयोग अब इस बात की जांच कर रहा है कि यात्रा के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए श्रद्धालु को आपदा प्रबंधन या प्रशासनिक स्तर पर समय से आर्थिक मदद क्यों नहीं मिल सकी।

