Kedarnath Yatra: रुद्रप्रयाग में थमी बारिश, मौसम हुआ साफ, कम हुआ नदियों का नया जलस्तर

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देहरादून। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मौसम साफ होने और प्रमुख नदियों का जलस्तर सामान्य होने के बाद श्री केदारनाथ यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। जिला प्रशासन ने हालांकि मानसून को देखते हुए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार सुबह यात्रा मार्ग और धाम में मौसम सामान्य बना रहा, जिससे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है।

जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे तक आसमान में हल्के बादल छाए रहे। इस दौरान क्षेत्र का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस और हल्की धूप के बीच केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्री लगातार अपनी मंजिलों की ओर बढ़ रहे हैं।

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ऊखीमठ में हुई बारिश, रुद्रप्रयाग-जखोली सूखे

बीते 24 घंटों में जिले के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा। तहसीलों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, केवल ऊखीमठ में 24 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग और जखोली तहसील क्षेत्र में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और यहाँ बारिश दर्ज नहीं की गई।

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वहीं रुद्रप्रयाग से होकर बहने वाली सभी प्रमुख नदियां फिलहाल शांत हैं और अपने खतरे के निशान से काफी नीचे हैं।प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस समय अलकनंदा नदी 623.90 मीटर, मंदाकिनी 622.28 मीटर, गंगानगर 799.25 मीटर और गौरीकुंड 1973.60 मीटर पर बह रही हैं।

जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र ने साफ किया है कि इन सभी नदियों का वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है, जिससे यात्रा मार्ग पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए प्रशासन ने किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी अधिकारियों को विषम परिस्थितियों में तुरंत रिस्पॉन्स देने के निर्देश दिए गए हैं।

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प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और केदारनाथ जा रहे यात्रियों से अपील की है कि यदि उन्हें मार्ग अवरुद्ध होने, भूस्खलन, दुर्घटना या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना तुरंत जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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