देहरादून। देहरादून में साइबर ठगों का नेटवर्क लगातार आक्रामक होता जा रहा है। शहर के 42 लोगों को निशाना बनाकर जालसाजों ने उनके खातों से 97 लाख रुपये से अधिक की राशि उड़ा दी है। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए देहरादून पुलिस ने थानों में मुकदमे दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
साइबर फ्रॉड का सबसे बड़ा मामला पाम सिटी निवासी सर्वेश भार्गव के साथ सामने आया है, जिनसे 16.45 लाख रुपये हड़प लिए गए। वहीं शास्त्रीनगर के अंकित सजवाण को डरा-धमकाकर 11.61 लाख रुपये की ठगी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने ई-जीरो एफआईआर की समीक्षा की है। इसके बाद देहरादून में शनिवार और रविवार को 56 मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि सोमवार को भी 30 नए मामले पंजीकृत हुए।
उत्तराखंड में बीते 5 महीनों में ई-जीरो एफआईआर श्रेणी के तहत करीब 500 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अकेले देहरादून जिले में महज 2 दिनों के भीतर 56 केस दर्ज होना साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को दर्शाता है।
इस नई व्यवस्था के तहत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत मिलते ही तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज हो जाती है। बता दें कि 7 मार्च 2026 को गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार से इस सिस्टम की शुरुआत की थी, जिसके बाद उत्तराखंड इसे लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बना था।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश में बीते मार्च से ई-जीरो एफआईआर लागू है और इसके तहत लगातार केस दर्ज किए जा रहे हैं। हालिया समीक्षा के बाद लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत के बाद दर्ज ई-जीरो एफआईआर पर पीड़ित को 3 दिनों के भीतर संबंधित थाने जाकर हस्ताक्षर करने होते हैं। इसके बाद केस ट्रांसफर कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी जाती है।

