नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी: 25 हजार तक सैलरी पर PF कटौती अनिवार्य, जानें क्या पड़ेगा असर

ख़बर शेयर करें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की न्यूनतम वेतन सीमा को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ईपीएफओ से जुड़े कर्मचारियों के लिए यह बदलाव पूरे 12 साल बाद किया गया है। नया नियम गुरुवार से लागू हो जाएगा, जिससे सरकार पर सालाना 11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

यह भी पढ़ें -  देहरादून: ₹26 हजार मानदेय और 45 दिन का मातृत्व अवकाश को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का हल्ला बोल

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि इस फैसले से 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को सीधी सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। इससे न केवल पुराने कर्मचारियों का पीएफ योगदान बढ़ेगा, बल्कि लाखों नए कर्मचारी भी ईपीएफओ के दायरे में आ जाएंगे।

इससे पहले सितंबर 2014 में ईपीएफओ की वेतन सीमा 15 हजार रुपये तय की गई थी। बीते 12 सालों में कर्मचारियों के वेतन और जीवन-यापन के खर्चों में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए इस सीमा को बढ़ाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।

यह भी पढ़ें -  किशाऊ बांध परियोजना: 6 राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता, CM धामी ने PM मोदी और अमित शाह का जताया आभार

नए फैसले के बाद जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 15 हजार से अधिक और 25 हजार रुपये तक है, उनके लिए अब पीएफ कटवाना अनिवार्य होगा। इससे उनका मासिक पीएफ योगदान 2,400 रुपये तक बढ़ जाएगा।

वेतन के गणित को समझें तो 25 हजार रुपये बेसिक सैलरी होने पर कर्मचारी और कंपनी दोनों का पीएफ अंशदान 1,800 रुपये से बढ़कर 3,000-3,000 रुपये हो जाएगा। यानी कुल पीएफ फंड में हर महीने 6,000 रुपये जमा होंगे।

यह भी पढ़ें -  UPI New Rules: आम जनता के लिए UPI रहेगा बिल्कुल फ्री! जानिए किन दुकानदारों पर लगेगा 0.40% चार्ज

इसके साथ ही पेंशन फंड में जाने वाला हिस्सा 1,250 रुपये से बढ़कर 2,082.50 रुपये हो जाएगा। वहीं कंपनी का पीएफ हिस्सा 550 रुपये से बढ़कर 917.50 रुपये हो जाएगा, जिससे कर्मचारियों की रिटायरमेंट पेंशन का दायरा काफी बढ़ जाएगा।

श्रम मंत्रालय के मुताबिक, ईपीएफओ सदस्यों को पेंशन के साथ-साथ जमा पूंजी पर 8.25% की दर से सालाना ब्याज मिलता है। इसके अलावा किसी अप्रिय घटना पर परिजनों को 2.5 लाख से 7 लाख रुपये तक का मुफ्त बीमा कवर भी प्राप्त होता है।