देहरादून में डिजिटल क्रांति का असर: UPI के बढ़ते क्रेज से बंद हुए 110 एटीएम, बैंकों ने हटाई सुरक्षा

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देहरादून। डिजिटल इंडिया और यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बैंकिंग व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। बीते दो सालों में जिले के भीतर एटीएम से नकद निकासी में करीब 30 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। कैश की मांग घटने का सीधा असर बैंकों के एटीएम नेटवर्क पर पड़ा है। जिले भर में अब तक 110 एटीएम स्थाई रूप से बंद कर दिए गए हैं, जिससे आम जनता की एटीएम पर निर्भरता काफी घट गई है।

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लीड बैंक अधिकारी संजय भाटिया के अनुसार, यूपीआई के व्यापक इस्तेमाल से लोगों ने नकद पैसे का उपयोग बेहद कम कर दिया है। वर्तमान में जिले में 27 प्रमुख बैंकों की 670 शाखाएं चल रही हैं, जिनके अधीन अब सिर्फ 650 एटीएम ही चालू बचे हैं।

एटीएम के कम इस्तेमाल को देखते हुए बैंकों ने नए एटीएम लगाना लगभग बंद कर दिया है। यही नहीं, परिचालन लागत में कटौती करने के लिए कई बैंकों ने अपने एटीएम सेंटरों से सिक्योरिटी गार्ड भी हटा दिए हैं। शहर में रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े शोरूम तक हर जगह क्यूआर कोड से भुगतान हो रहा है। इसके चलते लोग रोजमर्रा की खरीदारी के लिए जेब में नकदी रखने की जगह ऑनलाइन पेमेंट को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।

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इसी बीच, दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क लगाने की चर्चाओं ने बाजार का गणित बदल दिया है। स्थानीय व्यापारी इस संभावित शुल्क का कड़ा विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त चार्ज लगाया गया, तो वे फिर से कैश लेनदेन शुरू कर देंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में एटीएम से कैश निकासी एक बार फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।