देहरादून: ₹26 हजार मानदेय और 45 दिन का मातृत्व अवकाश को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का हल्ला बोल

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित गांधी पार्क में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सीटू से संबद्ध आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका कर्मचारी यूनियन के बैनर तले जुटीं कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपना मांग पत्र प्रेषित किया।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन ने सरकार के समक्ष न्यूनतम 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने और कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की प्रमुख मांग रखी। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी लागू करने और पूर्ण सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया।

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यूनियन ने कार्यकत्रियों के लिए 45 दिनों का मातृत्व अवकाश, अतिरिक्त चिकित्सा अवकाश और ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन छुट्टियों का प्रावधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि आंगनबाड़ी के अलावा अन्य सरकारी विभागों का काम उन पर जबरन न थोपा जाए और अतिरिक्त कार्य का अलग से मानदेय दिया जाए।

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यूनियन की महासचिव चित्रकला ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाती हैं। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी समस्याओं और मानदेय वृद्धि पर शासन-प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने कहा कि कार्यकत्रियां जमीनी स्तर पर सरकारी व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों पर अविलंब सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।