देहरादून में जमीन खरीदने से पहले सावधान! सुप्रीम कोर्ट ने PACL और गोल्डन फॉरेस्ट की संपत्तियों पर लगाई रोक

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देहरादून। देहरादून में सपनों का आशियाना बनाने या कारोबार के लिए जमीन खरीदने की योजना बना रहे निवेशकों के लिए बेहद जरूरी खबर है। शहर और इसके आसपास के इलाकों में देश के बड़े जालसाजों की सैकड़ों हेक्टेयर विवादित संपत्तियां मौजूद हैं। यदि आपने बिना पड़ताल के इनमें निवेश किया, तो आपकी जीवनभर की गाढ़ी कमाई फंस सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद इन विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। इसके बावजूद, स्थानीय बिचौलियों के झांसे में आकर हर साल दर्जनों लोग धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। ठगी के इस खेल में मुख्य रूप से पीएसीएल और गोल्डन फॉरेस्ट जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने देशभर में फर्जी जमा योजनाएं चलाकर अरबों रुपये की चपत लगाई थी।

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इस मामले पर कार्रवाई करते हुए बाजार नियामक सेबी ने इन कंपनियों की सभी संपत्तियों को अटैच कर लिया था। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इन प्रतिबंधित कंपनियों की अधिकांश संपत्तियां देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में स्थित हैं। वर्तमान में जिले में कुल 73 ऐसे खसरा संख्या चिह्नित किए गए हैं, जिनकी खरीद-फरोख्त पर कानूनी प्रतिबंध लागू है।

इन 73 प्रतिबंधित खसरों में से 52 खसरे अकेले विकासनगर तहसील क्षेत्र के तहत आते हैं। इसके अलावा स्थानीय अदालतों और उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों पर भी कई अन्य खसरों पर किसी भी तरह के लेन-देन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने आम जनता को ठगी से बचाने के लिए इन सभी खसरों की सूची ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल और सब-रजिस्टार कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक कर दी है।

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कड़े नियमों के बावजूद बिचौलिया सीधे-सादे खरीदारों को भ्रमित कर इन जमीनों का सौदा करने में कामयाब हो जाते हैं। पिछले पांच सालों में विभिन्न थानों में अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े 25 से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। हाल ही में इसी साल फरवरी में एक महिला को पीएसीएल की प्रतिबंधित संपत्ति बेचने का मामला सामने आया था, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।

चार साल पहले एसटीएफ ने भी देहरादून में ऐसी फर्जी संपत्तियां बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। निजी कंपनियों की विवादित भूमि के अलावा देहरादून, रायपुर और ऋषिकेश के आसपास की आरक्षित वन भूमि तथा नदी क्षेत्रों की जमीनों के भी अवैध सौदे सामने आ रहे हैं, जिनका क्रय-विक्रय पूरी तरह गैर-कानूनी है।

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शहर के प्रमुख इलाकों जैसे अजबपुर कलां (श्रेणी ई), मोथरोवाला (श्रेणी सी), बलवीर रोड (श्रेणी ए), हिमालयन अपार्टमेंट, चाय बाग कोलागढ़, मिट्ठी बेहड़ी, लक्ष्मण चौक और बंजारावाला में जमीन खरीदते समय विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इसके अलावा हरिद्वार रोड पर लच्छीवाला फ्लाईओवर से डोईवाला टाउन एरिया प्रारंभ होने तक (श्रेणी-1) के क्षेत्र में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

एडीएम फाइनेंस केके मिश्रा ने बताया कि प्रतिबंधित खसरों की पूरी सूची पोर्टल पर सार्वजनिक की जा चुकी है। उन्होंने निवेशकों से अपील की है कि वे किसी भी संपत्ति का सौदा पक्का करने या एडवांस रकम देने से पहले ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल और सब-रजिस्ट्रार दफ्तर से खसरे की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें।