Uttarakhand: लोकतंत्र में भाषा की मर्यादा बनाए रखें नेता: CM धामी

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजनीतिक संवाद में गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए नेताओं को भाषा में संयम और मर्यादा बनाए रखने की सख्त सलाह दी है। देहरादून में आयोजित कार्यक्रमों के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे वरिष्ठ नेता हों, युवा हों या नए कार्यकर्ता, सभी को भाषाई गरिमा का पालन करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के कई सभ्य और संवैधानिक तरीके मौजूद हैं।

शौर्य दिवस श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सीएम धामी ने राज्य में पारदर्शी शासन का दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सख्त नकल-रोधी कानून लागू होने के बाद से सरकार ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले 100 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा है।

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भर्ती प्रक्रियाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 34 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में नकल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने नकल माफिया पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया है।

इसी दौरान सीएम कैंप कार्यालय में आयोजित ‘लेखकों एवं साहित्यकारों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में दो ‘साहित्य ग्राम’ स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें साहित्य पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने साहित्यकारों के सम्मान के लिए ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ और ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ जैसी योजनाएं शुरू की हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें संस्करण को सुनने के बाद सीएम धामी ने पूर्व सैनिकों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा, विज्ञान और आर्थिक विकास में नई ऊंचाइयां छू रहा है। सीमांत क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भर बन रहा है।

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समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में चलाए जा रहे ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ की सराहना की। उन्होंने लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को भेंट करने की घोषणा भी की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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