देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भारी विरोध और राजनीतिक दबाव के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। रविवार देर रात सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि भ्रम की वजह से किसी को गलत सुनाई दिया है या किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं। इस माफीनामे के जरिए उन्होंने प्रदेश में गरमाए राजनीतिक माहौल को शांत करने की कोशिश की है।
विवाद की शुरुआत बीते शनिवार को हुई, जब देहरादून में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस बयान के सामने आते ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और विपक्षी दलों को सत्तारूढ़ दल को घेरने का बड़ा मौका मिल गया।
कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष ने प्रदेश के युवाओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है। विपक्ष का कहना था कि इस गैर-जिम्मेदाराना बयान से राज्य के युवाओं के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है।
मामला तूल पकड़ते ही विपक्षी नेताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महेंद्र भट्ट के तुरंत इस्तीफे की मांग कर डाली। चौतरफा घेराबंदी और बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण भाजपा संगठन और राज्य सरकार पर लगातार स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बन रहा था।
चौतरफा राजनीतिक हमले के बाद महेंद्र भट्ट ने बयान पर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी भी वर्ग या युवा की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और न ही उन्होंने जानबूझकर किसी गलत शब्द का प्रयोग किया था।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को भ्रम वश कुछ गलत समझ आया है, तो वे उदारता दिखाते हुए व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगते हैं। अब देखना होगा कि इस माफीनामे के बाद विपक्ष का हमला थमता है या उत्तराखंड की राजनीति में यह मुद्दा आगे भी गर्माया रहता है।

