Uttarakhand: संसद में ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ टिप्पणियों पर भड़के CM धामी, दी कढ़ी चेतावनी

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नकल विरोधी कानून पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भाषा शैली पर कड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने मीडिया को जारी बयान में स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी ने अपने आचरण से देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं का भारी अपमान किया है।

सीएम धामी ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है, जहां विचारों का आदान-प्रदान गरिमा और तथ्यों के साथ होना चाहिए। लेकिन राहुल गांधी द्वारा सदन के भीतर ‘इडियट’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग और नागरिकों के लिए ‘अंधभक्त’ जैसी टिप्पणी करना बेहद चिंताजनक है। यह न केवल संसदीय परंपराओं के खिलाफ है, बल्कि देश के जनादेश का भी अनादर है।

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष के धर्म की याद दिलाते हुए कहा कि विपक्ष का काम तथ्यों के आधार पर सवाल पूछना और सकारात्मक सुझाव देना होता है। व्यक्तिगत कटाक्ष, अहंकार और अभद्र भाषा किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की पहचान नहीं हो सकती। लोकतंत्र में स्वस्थ बहस की परंपरा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

लोकसभा में पारित ‘लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026’ पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून देश के करोड़ों मेहनती युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की दिशा में एक बड़ा और मजबूत कदम है।

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मुख्यमंत्री ने इस कड़े कानून के पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश को नकल मुक्त बनाने के संकल्प को नई गति देगा और परीक्षा माफियाओं, पेपर लीक गिरोहों व संगठित अपराध पर लगाम लगाएगा।

मामले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से किया अपना वादा पूरा किया है। भट्ट ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री पर लगाए गए आरोप केवल भ्रम और सनसनी फैलाने की नाकाम कोशिश थे।

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पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भी इस विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में यह कानून परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता और विश्वसनीयता लाएगा, जिससे देश में नकल माफियाओं पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।

सीएम धामी ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और मर्यादा का पालन करने वालों तथा उसका उल्लंघन करने वालों का फर्क अच्छे से समझती है। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और वह समय आने पर ऐसे गैर-जिम्मेदार आचरण का करारा जवाब देगी।

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