सीएम धामी की चिट्ठी लाई रंग, 30 जून तक नहीं होगी बिजली कटौती,

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, केंद्र से मिली 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली

उत्तराखंड में डबल इंजन का पहिया पूरी रफ्तार पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी केंद्र सरकार से जब भी कोई फरियाद करते हैं तो वो पूरी जरूर होती है। ये बात हम इसलिए कह रहे हैं कि ,उत्तराखंड के लिए मई की चिलचिलाती गर्मी से पहले ही केद्र सरकार ने एक्स्ट्रा बिजली कोटे के तौर पर ‘ठंडी हवा की बयार का झोंका’ भेजा है। केंद्र सरकार ने राज्य को 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का कोटा आवंटित कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को लिखी चिट्ठी रंग लाई है।

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दरअसल बढ़ती गरमी में बिजली की बढ़ती मांग के चलते उत्तराखंड पसीना पसीना हो रहा था। हालात की नजाकत को भांपते हुए सीएम धामी ने केंद्रसरकार से गुजारिश की थी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को खत लिखा। जिसके मजमून में बिजली की बढ़ती खपत और उत्पादन की कमी का जिक्र था। जिस पर गौर करते हुए केंद्र सरकार ने सीएम धामी को निराश नहीं किया। 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली 30 जून तक के लिए रिलीज कर दी। यह कोटा सेंट्रल पूल से अलग होगा।

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क्यों पड़ी जरूरत?

आपको बता दें कि अप्रैल 2026 उत्तराखंड के पावर सेक्टर के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। आलम ये रहा कि केंद्र से मिलने वाली निर्धारित बिजली में भारी कटौती हो गई थी जबकि इमरंजेसी कोटे का आवंटन भी नहीं हो पाया था वहीं राज्य के हाईड्रो पावर प्लांट राज्य की खपत के मुताबिक बिजली उत्पादन नहीं कर पाए। जिसके चलते किरकिरी होने लग गई थी।

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आलम ये था कि उद्योगों में ही 11-12 घंटे तक की बिजली कटौती हो रही थी। जबकि गांव-शहरों में 3 से 4 घंटे रोजाना ब्लैकआउट रहता था। बिजली की मांग 45 मिलियन यूनिट प्रतिदिन के आसपास पहुंच गई थी, लेकिन सप्लाई मैच नहीं कर पा रही थी। इन्वर्टर जवाब दे रहे थे जबकि फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन ठप हो रहा था।

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