उत्तराखंड में शराब शौकीनों के लिए राहत भरी खबर है कि उन्हें अब अपने इस शौक के लिए जैब ज्यादा ढीली नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि कहने वाले कह गए हैं कि, शौक बड़ी चीज है फिर भी धामी कैबिनेट ने शराब पर लगने वाले VAT यानी मूल्य वर्धित कर की दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
धामी कैबिनेट के इस फैसले के बाद सिर्फ शराब के दाम ही कम नहीं होंगे बल्कि उम्मीद है कि शराब की तस्करी पर भी रोक लगेगी। धामी कैबिनेट ने आबकारी नीति के अनुरूप ही वाणिज्य कर विभाग के नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को पास किया है।
आपको बता दें कि आबकारी नीति में पहले से ही 6% वैट का प्रावधान था, लेकिन वाणिज्य कर की नियमावली में तकनीकी तालमेल नहीं था। लिहाजा धामी कैबिनेट ने इस विसंगति पर गौर कर इसे अब दूर कर दिया है।
हालांकि माना जा रहा है कि सरकार ने शराब तस्करी रोकने के लिए ये फैसला लिया है क्योकि पड़ोसी राज्यों में उत्तराखंड के मुकाबले शराब काफी सस्ती है। लिहाजा शराब तस्कर यूपी, हिमाचल और हरियाणा की सस्ती शराब को यहां खपा रहे थे। जिसके चलते उत्तराखंड शराब तस्करी का ग्राफ लगातार बढ रहा था।
अब माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद उत्तराखंड में भी शराब के दाम यूपी,हरियाणा और हिमाचल के बराबर पहुंच जाएंगे। जिससे तस्करी पर रोक तो लगेगी ही राज्य के राजस्व में भी इजाफा होगा।तय है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब जल्द ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। जिसके बाद नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।
उम्मीद जताई जा रही है कि एक पखवाड़े के भीतर राज्य में शराब सस्ते दाम पर बिकनी शुरू हो जाएगी। हालाकि फाइनल रेट MRP पर और ठेके के हिसाब से तय होंगे, लेकिन सौ रुपए पर 6 रुपए की कमी होनी तो पक्का हैं।

