बागेश्वर में गोशाला की छत उड़ने से महिला गंभीर रूप से घायल, अंधड़ में 12 से अधिक जख्मी

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों, विशेषकर बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मंगलवार दोपहर बाद आए भीषण अंधड़ और भारी वर्षा ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से बागेश्वर जिले में 12 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने से सड़कें बंद हो गई हैं और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। घरों और गोशालाओं की छतें उड़ने से संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।

यह भी पढ़ें -  छात्र हत्याकांड के बाद देहरादून की नामी यूनिवर्सिटी के एनुअल फेस्ट पर पुलिस की रोक

बागेश्वर में जान-माल का नुकसान

बागेश्वर जिले के कांडा क्षेत्र में अंधड़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। मलसूना गांव में एक गोशाला की छत उड़ने से हेमा देवी नाम की महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, स्कूल से घर लौट रही एक छात्रा के सिर पर उड़ता हुआ टिन लगने से वह भी चोटिल हो गई। इसके अलावा, धरमघर स्थित हिम कुटीर आश्रम और मंडलसेरा में एक विवाह समारोह के लिए लगाया गया टेंट भी हवा में उड़ गया, जिससे कार्यक्रम में बाधा आई।

यह भी पढ़ें -  चारधाम यात्रा में नहीं बुझेगा चूल्हा: CM धामी ने केंद्र से मांगा LPG का सौ फीसदी कोटा

पिथौरागढ़ में सड़क और बिजली व्यवस्था ठप

पिथौरागढ़ जिले के धारचूला, डीडीहाट और बेरीनाग क्षेत्रों में अंधड़ के साथ जमकर बारिश हुई। इस दौरान दर्जनों विशाल वृक्ष धराशायी हो गए। अस्कोट-कर्णप्रयाग मार्ग पर चीड़ के पेड़ गिरने से यातायात घंटों बाधित रहा, जिससे हल्द्वानी और अन्य बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए। जिला प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर मार्ग खोलने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुटी हुई हैं।

प्रमुख घायल और राहत कार्य

अंधड़ की चपेट में आने से घायल हुए व्यक्तियों (जिनमें कवि दत्त, शिव सिंह, ललित, तरुण, राहुल आदि शामिल हैं) का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश घायलों के सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं। जिला आपदा अधिकारी ने बताया कि बंद पड़ी मुख्य सड़कों को खोलने का काम जारी है और प्रभावित ग्रामीणों को सहायता पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड कांग्रेस ने की डेमोग्राफी आयोग की मांग, 33% महिला आरक्षण को बताया जरूरी

प्रशासनिक चेतावनी

मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिजली विभाग को टूटे हुए तारों और खंभों को जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरे की समस्या को दूर किया जा सके।

ADVERTISEMENTS Ad