उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सितारगंज में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने की बात कह रहे हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए तत्काल एक स्वतंत्र आयोग का गठन किया जाना चाहिए। गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए डेमोग्राफी जैसे विषयों को उछाल रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सच्चाई को जनता तक ले जाएं और सरकार के दावों का पर्दाफाश करें।
मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप
गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों और केंद्र में तेरह वर्षों से भाजपा की सरकार है। ऐसे में यदि डेमोग्राफी में कोई बदलाव आया है, तो इसकी जिम्मेदारी भी सत्ता पक्ष की ही होनी चाहिए। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि उसे पलायन, मजदूरों की स्थिति और किसानों के हितों पर ध्यान देना चाहिए। काशीपुर में किसान की आत्महत्या और अंकिता प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य की न्याय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है।
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग
सम्मेलन में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने महिला सशक्तिकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 70 सीटों पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। कापड़ी ने तर्क दिया कि चूंकि संसद में महिला आरक्षण विधेयक 2023 पहले ही पारित हो चुका है, इसलिए इसे राज्य स्तर पर भी बिना देरी के लागू किया जाना चाहिए ताकि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके।
सम्मेलन में उपस्थित मुख्य चेहरे
रविवार को करन गार्डन में हुए इस आयोजन में नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा सहित कई पूर्व विधायक और दिग्गज नेता मौजूद रहे। इनमें नारायण पाल, राजकुमार ठुकराल, हेमेश खर्कवाल और नवतेज पाल सिंह जैसे नाम शामिल थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की और आने वाले समय में जनता के बीच जाकर जवाब देने की रणनीति पर चर्चा की।

