Chardham Yatra 2026: मानसूनी दुश्वारियों पर भारी पड़ी आस्था, 114 दिनों में रिकॉर्ड 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की दुश्वारियों और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यात्राकाल के शुरुआती 114 दिनों में ही दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 47 लाख का आंकड़ा पार कर गई है, जो बीते वर्ष 2025 की इसी अवधि से 4.68 लाख अधिक है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को नियंत्रित रूप से संचालित किया जा रहा है। खराब मौसम और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और सभी जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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मानसूनी सीजन और खराब मौसम की दुश्वारियों के बावजूद 10 अगस्त तक यात्रा के 114 दिनों में कुल 47,02,703 श्रद्धालु चारों धामों और श्री हेमकुंट साहिब के दर्शन कर चुके हैं। अकेले सोमवार को भी प्रशासनिक चेतावनियों के बीच 15,376 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, जिनमें सबसे अधिक 9,559 श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के द्वार पहुंचे।

धामवार आंकड़ों के अनुसार 10 अगस्त तक श्री बदरीनाथ धाम में 16,12,112, श्री केदारनाथ धाम में 14,50,116, श्री गंगोत्री धाम में 07,37,629, श्री यमुनोत्री धाम में 06,62,347 तथा श्री हेमकुंट साहिब में 02,40,499 श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं। इस बार बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ रही है, जहां 23 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा के 110 दिन पूरे होने पर 16.12 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे हैं, जो बीते वर्ष की 12.61 लाख अवधि की तुलना में 3.50 लाख अधिक है।

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यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद राज्य आपदा कंट्रोल रूम के जरिए 24×7 सभी धामों और यात्रा पड़ावों पर व्यवस्थाओं की सीधी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों को तैनात कर श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन के उचित प्रबंध किए गए हैं, साथ ही यात्रियों को मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही यात्रा आगे बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।