मॉनसून अब विदाई की ओर है… लेकिन बदलते मौसम के साथ मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डेंगू, स्वाइन फ्लू, डायरिया और डिसेंट्री जैसी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। खासतौर पर स्कूली बच्चों और आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है। बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर जागरूकता अभियान तक चलाए जा रहे हैं…अभिभावकों को सलाह दी गई है कि अगर बच्चा खांसी जुकाम से पीड़ित है तो उसे स्कूल न भेंजे।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम यानी आरबीएस के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। इसके साथ ही बच्चों और शिक्षकों को डेंगू समेत मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों को शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है… वहीं तेज बुखार, आंखों में दर्द या शरीर में ज्यादा दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है। ताकि मामला गंभीर न बने।
वहीं दूसरी ओर डेंगू पर भी उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की नजरें बनी हुई हैं. सूबे की स्वास्थ्य महानिदेक डॉ सुनीता टम्टा की माने तो डेगू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए अलग वार्ड और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अस्पतालों में जरूरत के हिसाब से अलग डेंगू वार्ड तैयार रखने, पर्याप्त बेड और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की चिंता सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं है… बल्कि बीमारी की रोकथाम के लिए घर-घर तक अभियान चलाया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक कर रही हैं।गमले, कूलर, पुराने टायर या ऐसे स्थान जहां लंबे समय तक पानी जमा रहता है… वहां डेंगू का लार्वा पनप सकता है। लिहाजा स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई और पानी जमा न होने देने की अपील की है।
स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को भी अभियान में शामिल किया गया है… जहां बच्चों के अलावा गर्भवती महिलाओं को भी मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है।यानी मौसम बदल रहा है तो बीमारी से बचाव की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है… स्वास्थ्य विभाग की टीमें जागरूकता अभियान चला रही हैं। ताकि डेंगू समेत दूसरी मौसमी बीमारियों इंसानी बस्ती से दूर ही रहें।

