इतिहास को संवारेगा मास्टर प्लान: देहरादून की 200 हेरिटेज इमारतें चिन्हित, टाउन प्लानिंग का बनेंगी हिस्सा

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इतिहास और विकास एक साथ

देहरादून ऐतिहासिक शहर है..बेशक अब बेहिसाब आबादी के बोझ तले दबकर अपनी पहचान खो रहा हो लेकिन धामी सरकार देहरादून को लेकर बेहद संजीदा है। देहरादून की ऐतिहासिक विरासत को महफूज रखने के लिए शहर की 200 ऐतिहासिक परिसंपत्तियों को चिन्हित किया है। इन धरोहरों को सिर्फ संरक्षित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि महत्वपूर्ण हेरिटेज स्थलों को मास्टर प्लान और टाउन प्लानिंग का हिस्सा बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

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बताया जा रहा है किआने वाले अक्टूबर माह में इसके लिए एक बड़ी कार्यशाला का आयोजन होगा और उसके बाद संरक्षण का पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा। ताकि पुराना देहरादून , उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को कायम रखने वाली इमारतें जो उसकी निशानियां भी है उन्हे भीड़ के बावजूद भी सहेजा जा सके। जिला प्रशासन दून की तकरीबन 200 इमारतों की फेहरिश्त बना चुका है।

प्रशासन की योजना इन धरोहरों को सिर्फ सूची में दर्ज करने तक सीमित नहीं है। हिस्टोरिक सिटी सीरीज-2026 के तहत इनका विस्तृत दस्तावेजीकरण किया जाएगा। अक्टूबर में विशेष कार्यशाला होगी, जिसमें विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं के सुझाव के आधार पर महत्वपूर्ण स्थलों का चयन किया जाएगा। इसके बाद चयनित धरोहरों को शहर के मास्टर प्लान और टाउन प्लानिंग से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अगला कदम संरक्षण की ठोस योजना तैयार करना होगा। जिला पर्यटन अधिकारी को कंसल्टेंट हायर कर चयनित स्थलों की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआर शासन को भेजी जाएगी और मंजूरी मिलने के बाद संरक्षण का काम आगे बढ़ेगा।
प्रशासन का साफ संदेश है, देहरादून को आधुनिक शहर तो बनाना है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक पहचान को भी कायम रखना है. ताकि दून के पुराने हस्ताक्षरों को आने वाली नई नस्ल पहचान सके उस पर गर्व कर सके।