टेलीग्राम पर जारी रहेगा प्रतिबंध, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र के फैसले को ठहराया जायज

ख़बर शेयर करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट-यूजी की दोबारा होने वाली परीक्षा से ठीक पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को पूरी तरह उचित ठहराया है। टेलीग्राम की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस तेजस कारिया की अवकाशकालीन पीठ ने 39 पन्नों के अपने फैसले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत लगाई गई इस पाबंदी को बरकरार रखा है।

यह भी पढ़ें -  झंडा बाजार में किशोरी से दुष्कर्म के बाद भारी तनाव; सड़कों पर उतरी भीड़, पुलिस बल तैनात

अदालत का मानना है कि यह कदम गैर-जरूरी या जरूरत से ज्यादा सख्त नहीं है, क्योंकि इस मैसेजिंग ऐप पर सामग्री को ऑटोमेटेड तरीके से बहुत तेजी से फैलाया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टेलीग्राम पर किसी विशेष चैनल, बॉट या अकाउंट को हटाना मात्र काफी नहीं है, क्योंकि इसमें आसानी से नए या मिरर चैनल बनाकर पुराने सब्सक्राइबर्स को जोड़ा जा सकता है और एडिट फीचर का दुरुपयोग कर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने का भ्रम फैलाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में 'लखपति दीदियों' की कमाई बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला

कानून के अनुसार, सरकार को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी कंप्यूटर संसाधन में तैयार या होस्ट किए गए विवरण को ब्लॉक करने का पूरा अधिकार है। इस महत्वपूर्ण फैसले के तहत केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम को 22 जून तक प्रतिबंधित करने के साथ ही मैसेज एडिट करने के फीचर को 30 जून तक बंद करने का आदेश जारी किया गया है।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -  विकास कार्यों में देरी पर DM आशीष चौहान सख्त, 218 करोड़ के लंबित प्रोजेक्ट्स पर PWD से मांगा जवाब
Ad Ad Ad