देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपद में चल रही विकास योजनाओं और मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया है। ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित इस बैठक के दौरान, डीएम ने करीब 218 करोड़ रुपये की लागत के लंबित कार्यों में देरी को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
इसके साथ ही, पेयजल से जुड़े कार्यों में भारी लापरवाही बरतने पर जल संस्थान पिथूवाला के एई का वेतन रोकने की सख्त चेतावनी दी गई है। समीक्षा के दौरान शहर में सीवर, पेयजल और विद्युत लाइनों के अंडरग्राउंड कार्यों में कटिंग अनुमति से जुड़ी देरी पर गहरी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की विस्तृत सूची तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, मोहब्बेवाला क्षेत्र में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक और राइजिंग मेन लाइन बिछाने के कार्यों में विलंब पर असंतोष व्यक्त किया गया, जबकि दून एन्क्लेव एक्सटेंशन में प्रस्तावित नलकूप निर्माण के लिए 15 दिन के भीतर भूमि चिह्नित करने का आदेश दिया गया है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण कार्यों की समीक्षा में पाया गया कि कुल 51 स्वीकृत कार्यों में से केवल 22 ही पूरे हो सके हैं, जिस पर डीएम ने लघु सिंचाई विभाग को शेष कार्यों में तेजी लाने तथा भंडारी बाग ओवरब्रिज निर्माण कार्य को हर हाल में अगस्त माह से पूर्व पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

