देहरादून। यदि आपका होटल, गेस्ट हाउस या व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसी जगह संचालित हो रहा है जहां आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आसानी से नहीं पहुंच सकतीं, या फिर फायर सेफ्टी के मानकों को अब तक केवल कागजों में ही पूरा दिखाया गया है, तो अब सतर्क हो जाइए। दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में लगी भीषण आग की घटना के बाद देहरादून में भी सरकारी तंत्र हरकत में आ गया है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शहर के होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच का खाका तैयार कर लिया है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान केवल भवन की वैधता ही नहीं, बल्कि अग्नि सुरक्षा से जुड़े तमाम पहलुओं की भी गहन जांच की जाएगी। विशेष रूप से यह देखा जाएगा कि भवनों में फायर फाइटिंग उपकरण मौजूद हैं या नहीं, वे कार्यशील स्थिति में हैं या नहीं, पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था है या नहीं तथा आपातकालीन निकास मार्ग सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, ऐसे कई प्रतिष्ठान प्रशासन की नजर में हैं जो वर्षों से संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं। इन स्थानों पर किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे भवनों में यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। एमडीडीए इस बात की भी समीक्षा करेगा कि भवन निर्माण और संचालन के दौरान स्वीकृत नक्शों एवं निर्धारित नियमों का पालन किया गया है या नहीं।
दिल्ली के मालवीय नगर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर हादसों के बाद ही सुरक्षा व्यवस्थाओं की याद क्यों आती है। देहरादून में भी बड़ी संख्या में होटल, लॉज और गेस्ट हाउस संचालित हैं, जिनमें से कई व्यस्त बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। ऐसे में प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं दिख रहा है।
बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को पहले ही समाप्त करना है। इसके लिए संबंधित विभागों को भी पत्र भेजे गए हैं ताकि संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाकर कमियों को चिन्हित किया जा सके। जिन प्रतिष्ठानों में सुधार की आवश्यकता होगी, उन्हें आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे, जबकि गंभीर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
दिल्ली की दर्दनाक घटना के बाद देहरादून में शुरू हुई यह कवायद साफ संकेत दे रही है कि अब फायर सेफ्टी को लेकर ढिलाई बरतना आसान नहीं होगा। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शहर में कोई भी होटल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान सुरक्षा मानकों से समझौता कर लोगों की जान को खतरे में न डाले। आने वाले दिनों में एमडीडीए और अन्य विभागों की संयुक्त कार्रवाई कई प्रतिष्ठानों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

