दिल्ली में हुए दर्दनाक अग्निकांड मामले को लेकर उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। घटनाक्रम में संदिग्ध माने जा रहे उत्तराखंड मूल के केशव नेगी को बेकसूर बताते हुए सूबे के दिग्गज सांसदों ने उनके पक्ष में मजबूती से आवाज उठाई है।
सोमवार को उत्तराखंड के गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस कमिश्नर से विशेष मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों सांसदों ने पुलिस कमिश्नर को एक औपचारिक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रथम दृष्टया केशव नेगी पूरी तरह बेकसूर प्रतीत हो रहे हैं।
सांसदों ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर अनुरोध किया कि किसी भी अंतिम कार्रवाई से पहले केशव नेगी का पक्ष निष्पक्षता से सुना जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच बिना किसी दबाव के पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
इसी सिलसिले में सांसद अनिल बलूनी ने सोमवार को केशव नेगी के पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की। उन्होंने नेगी की पत्नी और बेटी को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में वे हर मोड़ पर उनके साथ खड़े हैं और किसी भी सूरत में बेगुनाह को सजा नहीं होने दी जाएगी।
दूसरी तरफ, उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता और सांसद अजय भट्ट ने भी इस गंभीर मामले को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर विस्तृत वार्ता की। भट्ट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि दिल्ली सरकार अपने स्तर पर इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करे।
सांसद अजय भट्ट के साथ हुई इस बातचीत के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया कि मामले की जांच पूरी तरह से उपलब्ध तथ्यों, पुख्ता साक्ष्यों और तय विधिक प्रक्रिया के आधार पर ही आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने उत्तराखंड के सांसदों को भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था अपनी गति से काम कर रही है और दिल्ली प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों का हनन न हो।
उत्तराखंड के जनप्रतिनिधियों के इस त्वरित हस्तक्षेप के बाद अब पीड़ित परिवार को निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जगी है, जबकि सोशल मीडिया और क्षेत्रीय स्तर पर भी केशव नेगी के पक्ष में सहानुभूति की लहर देखी जा रही है।

