दिल्ली अग्निकांड मामले में गिरफ्तार किए गए केशव नेगी की बेटी कनिष्का नेगी ने अपने पिता को पूरी तरह बेकसूर बताते हुए कहा है कि उन्हें इस हादसे में बेवजह फंसाया जा रहा है। कनिष्का के अनुसार, उनके पिता ने उस रात अपनी जान की परवाह न करते हुए आग बुझाने का हरसंभव प्रयास किया था और होटल से कूदकर भाग रहे लोगों की जान बचाने के लिए जमीन पर गद्दे तक बिछाए थे।
कनिष्का ने बताया कि जिस समय होटल की किचन में आग लगी, उनके पिता वहीं मौजूद थे। उस किचन में बिजली का बहुत सारा सामान, चूल्हे और गैस सिलेंडर रखे होने के कारण आग बेहद तेजी से फैली और भारी धुएं के कारण उनके पिता को मजबूरन बाहर निकलना पड़ा। बाहर आते ही उनके पिता और होटल के मैनेजर ने तुरंत मालिक को फोन पर इसकी सूचना दी।
इस बीच, उत्तराखंड के नैनीताल सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से फोन पर वार्ता कर मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने का कड़ा आग्रह किया है ताकि किसी बेकसूर को सजा न मिले।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिया आश्वासन
केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। इस संबंध में सीएम धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे फोन पर वार्ता की और पूरे प्रकरण में पूरी तरह से निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस बातचीत के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह से वैज्ञानिक साक्ष्यों व जमीनी तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को भी इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार का साथ मिला है, जिससे उन्हें निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जगी है। कनिष्का ने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित राज्य के कई प्रमुख लोगों के फोन उनके पास आए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कनिष्का और उनके परिवार को ढांढस बंधाते हुए इस पूरे मामले में हर संभव कानूनी और प्रशासनिक मदद देने का पूरा भरोसा दिलाया है। कनिष्का का स्पष्ट कहना है कि उनके पिता केवल किचन कर्मचारी थे, जहां संसाधनों की वजह से अचानक भीषण आग भड़की, जिसे रोकने की उन्होंने पूरी कोशिश की थी; ऐसे में उन्हें इस हादसे का जिम्मेदार मानकर गिरफ्तार किया जाना पूरी तरह से गलत और अन्यायपूर्ण है।

