देहरादून में करीब 90 साल पुराने और जर्जर हो चुके पेयजल ढांचे को पूरी तरह बदलने के लिए उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है. शासन ने रायपुर और उसके आसपास के सात वार्डों के लिए 42 करोड़ रुपये की एक वृहद पेयजल योजना को वित्तीय मंजूरी दे दी है।
इस महत्वपूर्ण फैसले से क्षेत्र की 40 हजार से अधिक की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा और उन्हें स्वच्छ व पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है, बल्कि पानी की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देना है ताकि लोगों को खारे पानी और अन्य जलजनित समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल सके।
जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, इस दूरदर्शी पेयजल योजना को केवल वर्तमान की जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. हालांकि वर्तमान में इस पूरे क्षेत्र की आबादी लगभग 40 हजार है, लेकिन आने वाले समय में इसके बढ़कर 70 हजार तक पहुंचने का अनुमान है।
यह नई योजना बढ़ती हुई आबादी को भी भविष्य में बिना किसी रुकावट के पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी. इसके साथ ही, वर्तमान में रायपुर और उत्तर डिवीजन के कुल 18 इलाकों में साल 1935 की बिछाई गई बेहद पुरानी पाइपलाइनों से पानी सप्लाई हो रहा है. इस योजना के तहत लोगों के घरों और आंगनों के नीचे से गुजर रही इन पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को भी पूरी तरह से बदल दिया जाएगा।
वर्तमान में बांदल स्रोत और खलंगा नहर से मिलने वाला पानी पूरी तरह ट्रीट न होने के कारण कई इलाकों में खारेपन और गंदे पानी की समस्या बनी रहती है. इस गंभीर समस्या के पक्के समाधान के लिए केसरवाला में 10 एमएलडी क्षमता का आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित किया गया है, जहाँ पानी को शुद्ध करके 70 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बसेत क्षेत्र तक लिफ्ट किया जाएगा और वहाँ से सातों वार्डों में साफ पानी पहुंचाया जाएगा।
इसके अलावा, लाडपुर-रिंग रोड क्षेत्र की करीब पांच हजार की आबादी को बरसात के दौरान गंदे पानी की समस्या से राहत देने के लिए 7.57 करोड़ की एक और योजना अंतिम चरण में है. इस योजना के तहत 650 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक और 1300 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले ट्यूबवेल के जरिए चकरायपुर, गणेश विहार, दून हिल्स कॉलोनी और शिवलोक कॉलोनी सहित करीब एक हजार घरों को मीटरयुक्त नए कनेक्शन देकर साफ पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी।

