देहरादून के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में एक शातिर दंपती ने कार खरीदने का झांसा देकर धोखाधड़ी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. शिमला बाईपास मेहूंवाला स्थित वन विहार कॉलोनी निवासी दिलनवाज खान ने अपनी काले रंग की क्रेटा कार को बेचने के लिए स्टार्क कार रेंटल के मालिक शाहनवाज अंसारी को दे रखी थी।
बीते 26 मई को एक दंपती कार खरीदने के बहाने इस रेंटल शॉप पर पहुंचा। वहां पर उन्होंने गाड़ी को पसंद करने का नाटक किया और खरीदने से पहले एक बार टेस्ट ड्राइव लेने की ख्वाहिश जताई। शॉप के मालिक ने उन पर भरोसा करके गाड़ी उन्हें टेस्ट ड्राइव के लिए दे दी, जिसके बाद से दोनों वापस नहीं लौटे और गाड़ी लेकर रफूचक्कर हो गए। दुकान के मालिक काफी समय तक उनका इंतजार करते रह गए।
गाड़ी लेकर फरार होने वाले इस दंपती ने धोखाधड़ी के लिए फर्जी पहचान का सहारा लिया था। वारदात के दौरान महिला ने अपना नाम नेहा और अपने पति का नाम प्रकाश चंद शर्मा बताया था। जब काफी देर तक दोनों गाड़ी लेकर वापस नहीं लौटे, तो शाहनवाज अंसारी ने उनके दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों के ही फोन लगातार बंद आ रहे थे।
काफी खोजबीन करने के बाद भी जब गाड़ी और उस दंपती का कोई सुराग नहीं मिला, तो शाहनवाज ने तुरंत इसकी जानकारी कार के असली मालिक दिलनवाज को दी। दोनों ने मिलकर आरोपियों को बहुत ढूंढा, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर आखिरकार पुलिस में तहरीर दी गई।
इस पूरे मामले पर पटेलनगर के इंस्पेक्टर विनोद गुसाईं ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी दंपती की तलाश के लिए एक विशेष योजना बनाई है।
कार खरीदते वक्त उन दोनों ने जो मोबाइल नंबर दिए थे, उन्हें सर्विलांस पर लगा दिया गया है। पुलिस उन्हीं फोन नंबरों और उनकी कॉल डिटेल्स के जरिए आरोपियों के साथ-साथ गाड़ी का पता लगाने का लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

