विकास के बढ़ते कदम- बडेरना गांव में पक्की सड़क का सपना 50 साल बाद हुआ साकार जो काम पिछले साल साल में नही हो पाया था अब धामी राज में हो रहा है। ये कहना है देहरादून जिले के बडेरना गांव के मूल निवासी नरेंद्र कठैत का। हालांकि नरेद्र कठैत का परिवार अब देहरादून के रानीपोखरी इलाके में पिछले लंबे समय से रह रहा है।
नरेंद्र कठैत कहते हैं सड़क की सहूलियत न होने के चलते ही मेरे दादा जी रानीपोखरी में बसने की सोचने लगे थे। उन्होने कुछ जमीन खरीदी और बाद में मेरे पिता और चाचाओं को लेकर दादी के साथ रानीपोखरी आ गए। हम अपने गांव बडेरना तभी जाते हैं जब बिरादरी में कोई बड़ा काम होता है। लेकिन धामी सरकार ने जो सड़क बनाने का काम किया है उससे गांव वालों की जिंदगी आसान हो जाएगी।
दरअसल डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की हल्द्वाडी ग्राम पंचायत का बडेरना गांव सालों से सड़क की राह देख रहा था। कई चुनाव हुए हर चुनाव में ग्रामीणों से सड़क का वादा किया गया। लेकिन सड़क बडेरना गांव तक नहीं आई. लोगो ने गांव से पलायन करना शुरू कर दिया।
हालांकि पलायन धीमी रफ्तार से है लेकिन सड़क के अभाव में पलायन है। बहरहाल शेरा गोदी से लेकर बड़ेरना तक करीब पचास साल पहले कच्चा मार्ग बनाया गया था। जिसकी हालत बरसात में बेहद खराब हो जाती है। बदहाल की सूरत बदले की कवायद ग्राम प्रधान ने साल 2024-25 में शुरू की और मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत एक किलोमीटर तक पक्की बनायी, लेकिन बजट के आभाव में बड़ेरना गांव तक पक्की नहीं बन पाई।
हालांकि अब सड़क को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। स्थानीय विधायक बृजभूषण गैरोला के मुताबिक शेरा गोदी से बड़ेरना गांव तक 1.450 किलोमीटर मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ है जिसके लिए 126.38 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। जल्द ही कच्ची सड़क का पक्की बनाने का काम शुरू हो जाएगा। बडेरना गांव के लोग सड़क पक्की होने की खबर से उत्साहित है और स्थानीय विधायक समेत सीएम धामी का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।

